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प्रदेश कांग्रेस में बदलाव की सुगबुगाहट: दीपक बैज की होगी छुट्टी या टीएस सिंहदेव संभालेंगे कमान?
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस में संगठन चुनाव के बाद अब बड़े बदलाव के कयास लगाए जा रहे हैं। दिल्ली राहुल गांधी और पूर्व उप मुख्यमंत्री सिंहदेव की मुलाकात ने प्रदेश की राजनीतिक फिजा को गर्मा दिया है। पॉलिटिकल सूत्र बताते है कि सिटिंग प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के स्थान पर जल्द ही नए चेहरे को जिम्मेदारी दी जा सकती है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में सिंहदेव का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खेमे से उमेश पटेल के नाम पर रायशुमारी की जा रही है।
दिल्ली की बैठक के बाद शुरू हुई चर्चा
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के नेतृत्व परिवर्तन को लेकर 26 दिसंबर को हुई बैठक में ही बात रखी गई थी मीडिया सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय कांग्रेस कई राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों को बदलने की तैयारी में है, जिन राज्यों में कांग्रेस को हर का सामना करना पड़ा है उन राज्यों में बदलाव होना तय माना जा रहा है। पार्टी का कहना है कि नेतृत्व में बदलाव करके पार्टी में नई जान डालने का प्रयास किया जाएगा
अब राहुल गांधी से सिंहदेव की मुलाकात को इसी कवायद का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि सिंहदेव ने इसे तमिलनाडु और पुडुचेरी स्क्रीनिंग कमिटी के काम के सिलसिले में हुई मुलाकात बताया है लेकिन राजनीतिक पंडित इस बदलाव की मुलाकात बता रहे हैं
अध्यक्ष पद के लिए दो गुटों में खींचतान
पार्टी के भीतर अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर दो बड़े नाम सामने आ रहे हैं। एक तरफ टीएस सिंहदेव हैं जिनका अनुभव और कद हाईकमान की पसंद बना हुआ है। दूसरी तरफ भूपेश बघेल अपने करीबी और पूर्व मंत्री उमेश पटेल को आगे बढ़ा रहे हैं। उमेश पटेल युवा चेहरा हैं और ओबीसी वर्ग से आते हैं। सूत्रों का कहना है कि पार्टी जातिगत समीकरण और अनुभव के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश कर रही है।
किसका पलड़ा कितना भारी
नाम: टीएस सिंहदेव
अनुभव: पूर्व डिप्टी सीएम और घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष
खासियत: राहुल गांधी के भरोसेमंद और सौम्य छवि के नेता
नाम: उमेश पटेल
अनुभव: पूर्व कैबिनेट मंत्री और युवा चेहरा
खासियत: भूपेश बघेल का समर्थन और
मजबूत जनाधार
नाम: दीपक बैज (वर्तमान)
अनुभव: पूर्व सांसद और वर्तमान अध्यक्ष
चुनौती: विधानसभा चुनाव में हार के बाद संगठन में पकड़ बनाए रखना
क्या कहते हैं समीकरण
छत्तीसगढ़ में 2028 के अगले विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस अब सुस्त पड़े संगठन में जान फूंकना चाहती है। दीपक बैज के कार्यकाल में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था। कार्यकर्ताओं का एक बड़ा वर्ग चाहता है कि अब कमान किसी ऐसे चेहरे को मिले जो बिखरे हुए नेताओं को एक मंच पर ला सके। दिल्ली की मुलाकातों का दौर अगर इसी तरह चलता रहा तो मकर संक्रांति के बाद प्रदेश कांग्रेस को नया 'कप्तान' मिल सकता है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
