- Hindi News
- अंतर्राष्ट्रीय
- मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर: कुवैत पर 97 मिसाइलें, भारतीयों की बढ़ी चिंता
मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर: कुवैत पर 97 मिसाइलें, भारतीयों की बढ़ी चिंता
मध्य पूर्व में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। ईरान पर हुए संयुक्त सैन्य हमले के बाद क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई का सिलसिला जारी है। यह हमला अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई बताया जा रहा है, जिसके बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
कुवैत पर 97 मिसाइलें दागे जाने का दावा
ईरान की जवाबी कार्रवाई में खाड़ी देशों को निशाना बनाए जाने की खबर है। विशेष रूप से कुवैत पर 97 मिसाइलें दागे जाने का दावा किया गया है। स्थानीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और कई जगहों पर हवाई सुरक्षा प्रणाली सक्रिय की गई है।
क्षेत्र में ड्रोन गतिविधियों और बैलिस्टिक मिसाइलों की आवाजाही की भी सूचना है, जिससे आम नागरिकों में भय का माहौल है।
ओमान की कड़ी प्रतिक्रिया
इस बीच ओमान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि खाड़ी देशों को निशाना बनाना बेहद खतरनाक संकेत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मध्यस्थ देशों को भी टारगेट किया गया तो हालात और विस्फोटक हो सकते हैं।
पूर्व में कतर को भी उसकी कूटनीतिक भूमिका के चलते धमकियां मिल चुकी हैं।
कुवैत में फंसे भारतीय
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते हमलों के बीच हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। भारत के दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर बताया है कि बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक कुवैत और अन्य खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं।
विदेश मंत्रालय स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आपातकालीन संपर्क नंबर जारी किए गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय चिंता
मामले को लेकर संयुक्त राष्ट्र में भी चिंता जताई गई है। वैश्विक समुदाय ने सभी पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की अपील की है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है तो इसका असर तेल आपूर्ति, वैश्विक बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
