Sukma Encounter: डेडलाइन से पहले बड़ा एक्शन, मुठभेड़ में एक नक्सली ढेर, ऑपरेशन जारी
सुकमा: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच एक बार फिर भीषण मुठभेड़ की खबर सामने आई है। पोलमपल्ली थाना क्षेत्र में चल रहे इस ऑपरेशन के दौरान एक नक्सली के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि इलाके में अभी भी रुक-रुक कर फायरिंग जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने सटीक इनपुट के आधार पर जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था, जिसके दौरान नक्सलियों से आमना-सामना हो गया। इसके बाद दोनों तरफ से तीव्र गोलीबारी शुरू हो गई, जो कई घंटों से जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन अभी जारी है और पूरी तरह समाप्त होने के बाद ही मुठभेड़ से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आएगी। जवान इलाके में घेराबंदी कर आगे की कार्रवाई में जुटे हुए हैं। इस मुठभेड़ को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि केंद्र और राज्य सरकार ने नक्सलवाद के खात्मे के लिए 31 मार्च 2026 तक की डेडलाइन तय कर रखी है, जिसमें अब सिर्फ दो दिन का समय शेष बचा है।
हाल ही में बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों को बड़ा झटका लगा था, जब 25 मार्च को कुख्यात नक्सली लीडर पापाराव समेत 18 नक्सलियों ने आधिकारिक तौर पर आत्मसमर्पण किया था। पापाराव को बस्तर का आखिरी बड़ा कमांडर माना जाता था। सरेंडर करने वालों में 10 पुरुष और 8 महिला नक्सली शामिल थीं, जिन्होंने सुरक्षा बलों के सामने हथियार डालते हुए मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। इस दौरान उन्होंने करीब 12 लाख रुपये नकद और कई आधुनिक हथियार भी सौंपे।
इन हथियारों में 8 AK-47 राइफल, 1 SLR, 1 INSAS समेत अन्य घातक हथियार शामिल थे, जो नक्सलियों की सैन्य क्षमता को दर्शाते हैं। यह सरेंडर अभियान सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। इसी दिन ओडिशा में भी 55 लाख रुपये के इनामी नक्सली सुकरू ने अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया, जिससे पूरे इलाके में नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। लगातार हो रही मुठभेड़ों और सरेंडर के चलते सुरक्षा एजेंसियां अब अंतिम चरण के ऑपरेशन में जुटी हैं। ऐसे में सुकमा की यह मुठभेड़ नक्सल उन्मूलन अभियान के लिहाज से बेहद निर्णायक मानी जा रही है।
