बिलासपुर में निजी अस्पतालों की मनमानी पर रोक अब मरीजों को उसी फार्मेसी से दवा लेना जरूरी नहीं

बिलासपुर में निजी अस्पतालों की मनमानी पर रोक अब मरीजों को उसी फार्मेसी से दवा लेना जरूरी नहीं

बिलासपुर शहर के निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में अब मरीजों को अपनी ही फार्मेसी से दवा खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकेगा। शासन ने ड्रग विभाग के जरिए एक नया और कड़ा नियम लागू किया है। इसके तहत हर अस्पताल की फार्मेसी के काउंटर पर एक बड़ा नोटिस लगाना जरूरी हो गया है। इस नोटिस में साफ शब्दों में लिखा होना चाहिए कि मरीज हमारी फार्मेसी से दवा लेने के लिए बाध्य नहीं हैं। वे अपनी मर्जी से बाहर किसी भी दुकान से दवा खरीद सकते हैं। यह खबर उन सभी मरीजों के लिए बड़ी राहत है जो निजी अस्पतालों के महंगे बिल से परेशान रहते हैं।

प्रशासन ने नियम तो बना दिया है लेकिन मरीजों और उनके परिजनों की असली परेशानी कुछ और ही बनी हुई है। डॉक्टर जो दवाएं पर्ची पर लिखते हैं वह अक्सर बाहर के आम मेडिकल स्टोर पर मिलती ही नहीं हैं। वे दवाएं केवल उसी अस्पताल की फार्मेसी में उपलब्ध होती हैं। इससे मरीज चाहकर भी बाहर से दवा नहीं खरीद पाते हैं और उन्हें मजबूर होकर उसी अस्पताल से ही दवा लेनी पड़ती है। बिलासपुर जिले में लगभग 150 से ज्यादा नर्सिंग होम और अस्पताल हैं जहां उनकी खुद की फार्मेसी चल रही है।

ड्रग विभाग के साफ निर्देशों के बाद भी अस्पतालों ने इस नियम को बिल्कुल गंभीरता से नहीं लिया है। जमीनी हकीकत यह है कि शहर के 95 प्रतिशत अस्पतालों की फार्मेसी पर यह जरूरी नोटिस अब तक नहीं लगाया गया है। इस भारी लापरवाही को देखते हुए ड्रग विभाग की टीम अब एक्शन में आ गई है और सीधे अस्पतालों में जाकर दबिश दे रही है। टीम के सदस्य खुद अपनी निगरानी में फार्मेसी काउंटर पर जाकर मरीजों के अधिकार वाला नोटिस चिपका रहे हैं। इसके साथ ही अस्पताल संचालकों को सख्त चेतावनी भी दी जा रही है कि वे मरीजों पर अपनी ही दुकान से दवा खरीदने का किसी भी तरह का दबाव न बनाएं वरना कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Read More नव्या मलिक ड्रग्स केस: SIT बनी तो उड़ी रसूखदारों की नींद, क्या चालान से गायब चैट्स और कॉल डिटेल खोलेंगे सफेदपोशों के राज?

अस्पतालों की फार्मेसी से दवा लेना मरीजों की जेब पर बहुत भारी पड़ रहा है। आमतौर पर बाहर के मेडिकल स्टोर पर मरीजों को दवाओं की कुल कीमत पर 5 से 15 प्रतिशत तक की छूट बड़ी आसानी से मिल जाती है। वहीं दूसरी तरफ अस्पताल के अंदर बनी फार्मेसी में कोई छूट नहीं दी जाती है। यहां मरीजों को दवा के पैकेट पर छपे पूरे दाम पर ही दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं। लंबी चलने वाली बीमारियों और गंभीर इलाज के दौरान यह छूट बहुत मायने रखती है। अस्पताल में छूट न मिलने से मरीजों पर बहुत बड़ा आर्थिक बोझ पड़ता है और उनका बजट बिगड़ जाता है।

Read More शिक्षाकर्मी भर्ती घोटाला: 18 साल पुराने भर्ती विवाद में हाईकोर्ट से 7 आरोपियों को सशर्त अग्रिम जमानत

स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन का कहना है कि मरीजों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक होना बहुत जरूरी है। अस्पताल प्रबंधन अपनी फार्मेसी से दवा लेने के लिए मरीजों को किसी भी सूरत में मजबूर नहीं कर सकता है। औषधि प्रशासन के एडीसी भीष्म देव सिंह ने यह बात बिल्कुल साफ कर दी है कि कोई भी मरीज या उसका परिजन अस्पताल की फार्मेसी से ही दवा लेने के लिए मजबूर नहीं है। वे जहां से चाहें वहां से अपनी जरूरत की दवा खरीद सकते हैं। यह जानकारी देने वाला नोटिस हर अस्पताल की फार्मेसी में लगाना बिल्कुल अनिवार्य कर दिया गया है। डॉक्टरों को भी यह निर्देश दिए गए हैं कि वे पर्ची पर ऐसी दवाएं ही लिखें जो बाजार में हर जगह आसानी से उपलब्ध हों।

Tags:

Latest News

राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया मोड़! सोनम ने खुद को बताया बेकसूर, अब सुप्रीम कोर्ट करेगा फैसला राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया मोड़! सोनम ने खुद को बताया बेकसूर, अब सुप्रीम कोर्ट करेगा फैसला
धान खरीदी का महाघोटाला? 12 से ज्यादा जिलों में खुली करोड़ों की गड़बड़ी, कई समिति प्रबंधकों पर FIR
शिक्षा के मंदिर में 'शराबी हेडमास्टर' का VIDEO वायरल? स्कूल परिसर में पड़े दिखे, रिकॉर्डिंग करने वालों को धमकाने का आरोप
जन मन योजना की सड़क पर बड़ा सवाल! दो महीने में धंसा ट्रक, पापड़ की तरह टूटा डामर
मानसून में बंद हुआ बारनवापारा अभयारण्य, अब बफर जोन में मिलेगा नेचर टूरिज्म का नया अनुभव; विकसित किए गए विशेष पर्यटन स्थल
Monsoon Fury in India: देशभर में मानसूनी बारिश का कहर, दिल्ली, मुंबई, सूरत समेत कई शहरों में बाढ़, जलभराव और हादसों से हाहाकार
ऑस्ट्रेलिया से भारत के लिए आई बड़ी खुशखबरी! PM मोदी की मौजूदगी में 500 मिलियन डॉलर निवेश का ऐलान
US Airstrikes on Iran: अमेरिकी हमलों से दक्षिणी ईरान में मचा हड़कंप, बंदर अब्बास और चाबहार में धमाकों के बाद बिजली व्यवस्था प्रभावित
Moto G77 Power लॉन्च: 7000mAh बैटरी, 50MP Sony कैमरा और 59 घंटे का बैकअप, OnePlus-iQOO को देगा कड़ी टक्कर
हर किसी के लिए नहीं है Matcha Tea! इन लोगों के लिए बन सकती है नुकसान की वजह, एक्सपर्ट ने दी चेतावनी
भगवान के भरोसे था 540 करोड़ के घोटाले का मास्टरमाइंड! गिरफ्तारी से बचने देशभर के मंदिरों में कराता रहा 'विशेष पूजा', बेटे पर आंच आई तो EOW दफ्तर में टेक दिए घुटने
एचआरए कट रहा पर मरम्मत नहीं: रविशंकर विवि के 62 साल पुराने जर्जर क्वार्टर में डर के साए में रह रहे शिक्षक, छज्जे और बालकनी गिर रही