छत्तीसगढ़ में वन नेशन-वन राशन का सिग्नल गुम : बस्तर-सरगुजा के पौने तीन लाख हितग्राही पोर्टेबिलिटी से कटे

छत्तीसगढ़ में वन नेशन-वन राशन का सिग्नल गुम : बस्तर-सरगुजा के पौने तीन लाख हितग्राही पोर्टेबिलिटी से कटे

डिजिटल डिवाइड का असर: 750 उचित मूल्य दुकानों में इंटरनेट नहीं, 3 साल में 4 लाख से अधिक राशन कार्ड किए गए निरस्त

रायपुर । वन नेशन, वन राशन कार्ड सुनने में यह योजना जितनी हाई-टेक और शानदार लगती है, छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों में इसकी जमीनी हकीकत उतनी ही चुनौतीपूर्ण है। एक ओर जहां प्रदेश के करीब 54.71 लाख कार्डधारी इस डिजिटल सुविधा का फायदा उठाने के पात्र हैं, वहीं बस्तर और सरगुजा के घने जंगलों व पहाड़ियों में 'नेटवर्क की नो-एंट्री' ने करीब 2.80 लाख गरीबों को इस योजना से महरूम कर दिया है। आलम यह है कि राज्य की साढ़े सात सौ से अधिक सरकारी उचित मूल्य की दुकानें आज भी 'ऑफलाइन' युग में काम करने को मजबूर हैं।

 

Read More PM Shri Eklavya Hostel में जूनियर छात्र की पिटाई का आरोप, कमरे में बंद कर मारपीट से मचा हड़कंप; अधीक्षक की निगरानी पर उठे सवाल

पोर्टेबिलिटी योजना: क्या है और कहां फंसा पेंच?

Read More बुरखे में लूट की साजिश, पिस्टल तानकर रेलवे कर्मचारी से लूट और घर में डकैती का खुलासा, 6 आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ में फरवरी 2022 में इस महत्वाकांक्षी योजना का शंखनाद हुआ था। मुख्य उद्देश्य यह था कि रोजी-रोटी की तलाश में पलायन करने वाले श्रमिक देश या प्रदेश के किसी भी कोने में अपने हिस्से का राशन ले सकें। यह पूरी व्यवस्था आधार (Aadhaar) प्रमाणीकरण और ऑनलाइन डेटा सिंकिंग पर टिकी है। लेकिन इसके लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी पहली शर्त है। यहीं पर आकर बस्तर और सरगुजा संभाग के दूरस्थ वनांचलों में योजना का दम घुटने लगता है। नेटवर्क के अभाव में इन 750 दुकानों से जुड़े पौने तीन लाख हितग्राही अपने तय इलाके से बाहर जाकर राशन लेने (पोर्टेबिलिटी) की सुविधा का लाभ नहीं उठा सकते।

जागरूकता के दावे और जमीनी हकीकत...

सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत खाद्य विभाग ने सभी राशन कार्डों के कवर पर वन नेशन वन राशन कार्ड' का लोगो और पोर्टेबिलिटी के नियम तो प्रमुखता से मुद्रित करा दिए हैं। लेकिन इसका व्यावहारिक फायदा उठाने वालों की संख्या नाकाफी है। विभागीय आंकड़े तस्दीक करते हैं कि हाल ही में महज 150 के करीब हितग्राहियों ने ही दूसरे राज्यों में जाकर इस सुविधा के जरिए राशन प्राप्त किया है। यह साबित करता है कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की कमजोरी इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में सबसे बड़ा रोड़ा है।

राशन कार्डों पर बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक

पोर्टेबिलिटी की इस सुस्त रफ्तार के बीच, राज्य में राशन कार्डों के फर्जीवाड़े और अपात्रों पर बड़ा प्रहार भी हुआ है। पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, कुल 4 लाख 3 हजार 774 राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं।

 

इन कार्डों के रद्द होने के प्रमुख कारण रहे:

  •   सत्यापन के दौरान परिवार का पते पर न मिलना या स्थायी पलायन।
  •   कार्ड के मुखिया की मृत्यु हो जाना।
  •  निर्धारित सीमा से अधिक बड़ा पक्का मकान, भूखंड या उच्च मासिक आय का होना
  •   राशनकार्ड जारी करने के लिए आवश्यक पात्रता की पुष्टि न हो पाना।

नए कार्ड भी बने, दायरा बढ़ा

हालांकि, विभाग की कार्रवाई सिर्फ कार्ड निरस्त करने तक सीमित नहीं रही। इस अवधि में पात्र लोगों को सिस्टम से जोड़ने का काम भी तेज गति से हुआ। वर्तमान में प्रदेश में पीडीएस के तहत कुल 82.58 लाख राशन कार्ड सक्रिय हैं। पिछले तीन वर्षों में ही 12 लाख 90 हजार 695 नए राशन कार्ड जारी कर जरूरतमंदों को सिस्टम के दायरे में लाया गया है।

Tags:

Latest News

हाईकोर्ट में बदली न्यायिक व्यवस्था, 8 सितंबर से लागू हुआ नया रोस्टर, जानिए किस बेंच में होगी किस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में बदली न्यायिक व्यवस्था, 8 सितंबर से लागू हुआ नया रोस्टर, जानिए किस बेंच में होगी किस मामले की सुनवाई
स्कूल में शराब के नशे में पहुंचे व्याख्याता पर गिरी गाज, बिना अनुमति गैरहाजिरी भी पड़ी भारी; शिक्षा विभाग ने किया निलंबित
अब सरकारी दफ्तर भी नहीं बचेंगे! बिजली बिल बकाया तो कटेगी सप्लाई, रायपुर में 441 कनेक्शन निशाने पर
तहसील के चक्कर खत्म! अब घर बैठे होगा जमीन का सीमांकन, 7 दिन में शुरू होगी ऑनलाइन व्यवस्था
OnePlus N6 Lite: 20 हजार से कम में आ सकता है नया फोन, इसी महीने लॉन्च की चर्चा
झारसुगुड़ा से ट्रॉली बैग में लेकर आ रहा था गांजा, मुखबिर की सूचना पर 6.396 किलो गांजा के साथ युवक गिरफ्तार
Acidity Relief: बार-बार होती है एसिडिटी? रोजमर्रा की ये 3 आदतें दे सकती हैं राहत
प्रमोशन में बड़ा फर्जीवाड़ा: पुरानी सीआर का मूल्यांकन बदलकर अफसर ने हथिया लिया उच्च पद
कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय में AI एवं मीडिया रिसर्च सेंटर का शुभारंभ, राज्यपाल रमेन डेका बोले- सत्य को सामने लाना पत्रकारिता का मूल दायित्व
Vastu Tips For Bed: बेड के नीचे भूलकर भी न रखें ये चीजें, वास्तु में मानी जाती हैं अशुभ
महानदी जल विवाद: पेशी के लिए वकीलों को मिले मात्र 7 करोड़, चर्चा के नाम पर 68 करोड़ की 'बंदरबांट'; रिटायर नायडू घंटे के हिसाब से भी वसूल रहे पैसे
बिना जांच डिपोर्टेशन आदेश पर हाई कोर्ट ने मांगा जवाब, अब होगी रिकॉर्ड के आधार पर जांच