खरीफ सीजन में किसानों को झटका! आधार बीज की बोरी खोलते ही निकला करगा, फसल पर संकट के बादल
आरंग। खरीफ सीजन की शुरुआत के बीच छत्तीसगढ़ के आरंग क्षेत्र में धान बीज की गुणवत्ता को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से वितरित किए जा रहे कुछ आधार बीज (फाउंडेशन सीड) में करगा और अन्य अवांछित बीज मिलने की शिकायतें सामने आई हैं। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते मामले की जांच नहीं हुई तो इसका सीधा असर फसल उत्पादन और खेती की लागत पर पड़ सकता है।
किसानों के अनुसार, राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के जरिए उपलब्ध कराए गए कुछ बीज पैकेटों में धान के साथ खरपतवार और कचरे जैसी सामग्री दिखाई दे रही है। इससे बीज की शुद्धता और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। किसानों का आरोप है कि बीज वितरण से पहले पर्याप्त जांच नहीं की गई, जिसके कारण खेतों में अवांछित घास और खरपतवार फैलने का खतरा बढ़ गया है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि करगा जैसे खरपतवार खेतों में पहुंच जाते हैं तो वे मुख्य फसल के साथ पोषक तत्व, पानी और जगह के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। इससे धान की वृद्धि प्रभावित हो सकती है और किसानों को अतिरिक्त निंदाई व खरपतवार नियंत्रण पर खर्च करना पड़ सकता है। साथ ही उत्पादन और गुणवत्ता में गिरावट की आशंका भी बनी रहती है।
किसान संगठनों ने किसानों को सलाह दी है कि बुआई या नर्सरी तैयार करने से पहले बीज की बोरियों की अच्छी तरह जांच करें। यदि बीज में किसी प्रकार की अशुद्धि, करगा या अन्य अवांछित सामग्री मिले तो इसकी सूचना तुरंत कृषि विभाग, सहकारी समिति या संबंधित बीज एजेंसी को दें। किसानों का कहना है कि समय पर शिकायत करने से नुकसान को कम किया जा सकता है।
मामले को लेकर किसानों ने राज्य सरकार और कृषि विभाग से स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि आधार बीज उत्पादन श्रृंखला का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, इसलिए इसकी गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी गंभीर विषय है। किसानों ने दोषपूर्ण बीज की पहचान कर प्रभावित किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
