न्याय प्रणाली को नागरिक केंद्रित बनाने पर जोर: राजनांदगांव कोर्ट पहुंचे चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा, पेपरलेस कार्यप्रणाली से पारदर्शिता लाने के निर्देश

न्याय प्रणाली को नागरिक केंद्रित बनाने पर जोर: राजनांदगांव कोर्ट पहुंचे चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा, पेपरलेस कार्यप्रणाली से पारदर्शिता लाने के निर्देश

बिलासपुर ।छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने शनिवार को राजनांदगांव जिला न्यायालय का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अदालती कामकाज में आधुनिक सूचना तकनीक के अधिकतम इस्तेमाल की बात कही। उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पेपरलेस व्यवस्था को बढ़ावा देकर न्यायिक प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाई जाए। चीफ जस्टिस का फोकस इस बात पर था कि हमारी न्याय प्रणाली पूरी तरह से आम नागरिकों के अनुकूल बने, जिससे लोगों को समय पर और बिना किसी परेशानी के न्याय मिल सके।

अपने प्रवास के दौरान चीफ जस्टिस ने न्यायालय परिसर के ज्यूडिशियल इंफ्रास्ट्रक्चर की बारीकी से जांच की। उन्होंने वहां मौजूद न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ता संघ के सदस्यों और कोर्ट के कर्मचारियों से विस्तार से चर्चा कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। अदालती कामकाज के दौरान आने वाली व्यावहारिक स्थितियों को भी समझा। निरीक्षण के क्रम में चीफ जस्टिस ने सेंट्रल प्रोसेस अनुभाग, सर्वर रूम, लीगल एड डिफेंस सिस्टम और रिकॉर्ड रूम का जायजा लिया।

उन्होंने प्रकरणों और दस्तावेजों के सुरक्षित रखरखाव के लिए मालखाना, लाइब्रेरी, और फाइलों को सहेजने वाले डिजिटलीकरण एवं स्कैनिंग केंद्र की कार्यप्रणाली को भी परखा। इसके अलावा, परिसर में महिलाओं और बच्चों की सुविधा के लिए बनाए गए पीड़िता विश्राम कक्ष और किलकारी कक्ष का भी उन्होंने अवलोकन किया। इन कक्षों का उद्देश्य न्यायालय आने वाले पीड़ितों और उनके बच्चों को सुरक्षित माहौल देना है।

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निरीक्षण के दौरान चीफ जस्टिस सिन्हा ने न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने और जवाबदेही तय करने की हिदायत दी। उन्होंने न्यायालय परिसर में स्वच्छता बनाए रखने का विशेष ध्यान रखने को कहा। उनका स्पष्ट कहना था कि कार्यप्रणाली जितनी आधुनिक और पारदर्शी होगी, लोगों को सुविधाएं उतनी ही आसानी से मिलेंगी। इसलिए तकनीक के उपयोग को समय की मांग बताते हुए उन्होंने कहा कि कामकाज को कागज रहित करने की दिशा में तेजी से कदम उठाए जाने चाहिए।

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गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पदभार ग्रहण करने के बाद से ही जस्टिस रमेश सिन्हा लगातार सक्रिय हैं। वे प्रदेश भर के दूरस्थ इलाकों और जिला न्यायालयों का दौरा कर रहे हैं। इन दौरों का उद्देश्य जमीनी स्तर पर अदालतों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना और व्यवस्थाओं को सुधारना है। उनके इसी विजन और निरंतर मॉनिटरिंग के परिणामस्वरूप राज्य की अदालतों में आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को एक नई गति मिली है।

न्यायिक कामकाज की समीक्षा के साथ-साथ चीफ जस्टिस ने पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। इसके लिए उन्होंने राजनांदगांव कोर्ट परिसर में मौलश्री का पौधा रोपा। इस पूरे निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, जॉइंट रजिस्ट्रार और प्रोटोकॉल अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही राजनांदगांव के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहित अन्य स्थानीय पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

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