अफीम की खोज: मुंगेली में चप्पे-चप्पे पर उड़े ड्रोन, 'राष्ट्रीय जगत विजन' की खबर पर मुहर; प्रशासन ने माना- पुलिस से पहले ही ली थी NOC

रायपुर। दुर्ग, बलरामपुर और रायगढ़ में अफीम की खेती मिलने के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप है। सभी जिलों में अलर्ट जारी है। इस बीच मुंगेली राज्य का ऐसा पहला जिला बन गया है, जहां अफीम खोजने के लिए खेत-खेत की जांच हुई है। पटवारी से लेकर टीआई (थाना प्रभारी) तक ने प्रशासन को लिखित में दिया है कि उनके इलाके में अफीम की खेती नहीं हो रही है। इस पूरी सघन जांच और कार्रवाई पर 'राष्ट्रीय जगत विजन' की खबर की पक्की मुहर लगी है। 'राष्ट्रीय जगत विजन' ने पहले ही प्रमुखता से प्रकाशित किया था कि जिला प्रशासन ने इस महा-अभियान के लिए पुलिस विभाग से बाकायदा NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) मांगी है। अब प्रशासन के इस जॉइंट ऑपरेशन ने हमारी उस खबर को पूरी तरह सच साबित कर दिया है।


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ड्रोन से खंगाले गए 42 फार्म हाउस


मुंगेली जिले में कुल 42 छोटे-बड़े फार्म हाउस हैं। इन सभी जगहों पर ड्रोन उड़ाकर निगरानी की गई। जिले के एक-एक खेत को खंगाला गया। जंगलों में छिपकर खेती होने की आशंका के चलते वन विभाग को भी एक्टिव किया गया। अचानकमार टाइगर रिजर्व का कुछ हिस्सा मुंगेली में आता है। ऐसे में डीएफओ की निगरानी में रेंजरों ने जंगल के भीतर सघन सर्चिंग की। राहत की बात यह रही कि कहीं भी अफीम नहीं मिली।

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पटवारी से एसडीएम तक, सबने दी जॉइंट रिपोर्ट

7 मार्च को जब दुर्ग में पहली बार अफीम पकड़ी गई, तो मुंगेली कलेक्टर कुंदन कुमार ने फौरन आपात बैठक बुलाई। थाना प्रभारी से लेकर कृषि अधिकारियों तक को सख्त निर्देश दिए गए। रिपोर्ट के लिए एक खास फॉर्मेट बनाया गया।

 सबसे पहले पटवारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ने मिलकर अपने क्षेत्र की रिपोर्ट दी।

  इसके बाद टीआई और तहसीलदार ने जॉइंट चेकिंग कर रिपोर्ट सौंपी। अंत में एसडीएम और एसडीओपी ने संयुक्त रूप से अपना प्रतिवेदन सीधे कलेक्टर और एसपी को दिया। प्रशासन का सख्त निर्देश था कि अगर किसी खेत में अफीम मिले, तो तुरंत खेत मालिक को गिरफ्तार किया जाए।


शासन का अल्टीमेटम: अफीम मिली तो नपेंगे पटवारी-तहसीलदार

मुख्य सचिव विकासशील ने इस मामले में सभी जिलों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। जिन जिलों में जांच पूरी हो चुकी है, वहां भी दोबारा चेकिंग कराने को कहा गया है। शासन ने साफ कर दिया है कि अगर अब किसी इलाके में अफीम की खेती पाई जाती है, तो वहां के पटवारी, नायब तहसीलदार और तहसीलदार पर सीधी और सख्त कार्रवाई की जाएगी।


'राष्ट्रीय जगत विजन' की खबर का बड़ा असर

इस पूरे जांच अभियान में पुलिस और प्रशासन के सटीक तालमेल को लेकर 'राष्ट्रीय जगत विजन' ने पहले ही खुलासा कर दिया था। वेबसाइट ने अपने पुख्ता सूत्रों के आधार पर पहले ही यह रिपोर्ट प्रकाशित कर दी थी कि जिला प्रशासन ने पुलिस विभाग से NOC मांगी है खबर छपने के बाद ठीक उसी तर्ज पर प्रशासन ने मान लिए कि पुलिस विभाग के थाना प्रभारी और एसडीओपी से noc मांगी है।  


कलेक्टर ने क्या कहा?

जिले के एक-एक खेत की जांच करवा ली गई है। पूरे जिले में कहीं भी अफीम मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। अफसरों से संयुक्त जांच प्रतिवेदन लिए गए हैं। वन क्षेत्रों की सघन जांच भी डीएफओ ने करवाई है।" -

कुंदनकुमार, कलेक्टर, मुंगेली

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

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