रायपुर का 'रील' स्टार निकला सट्टेबाजी का 'रियल' मास्टरमाइंड: भगोड़े ललित मोदी से कनेक्शन, 60 से ज्यादा सट्टा ऐप्स का 'डिजिटल नेक्सस'
रायपुर।रायपुर का एक युवा जो सोशल मीडिया पर अपनी कॉमेडी रील्स, ट्रेंडिंग मीम्स और आध्यात्मिक प्रवचनों में उपस्थिति से लाखों युवाओं का चहेता बना हुआ था, वह असल में एक इंटरनेशनल सट्टेबाजी सिंडिकेट का सफेदपोश 'डॉन' निकला। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बाबू खेमानी की कहानी किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है, जहां 'लाइक्स' और 'व्यूज' के पर्दे के पीछे करोड़ों की सट्टेबाजी का खेल खेला जा रहा था। पुलिसिया जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे बताते हैं कि यह सिर्फ एक सट्टा रैकेट नहीं, बल्कि युवाओं को बर्बाद करने का एक कॉरपोरेट लेवल का 'डिजिटल ट्रैप' था।
आध्यात्मिकचोले में सट्टे का एल्गोरिदम
बाबू खेमानी ने सोशल मीडिया के एल्गोरिदम को हैक करने का नायाब तरीका ढूंढा। अपनी छवि को 'विश्वसनीय' बनाने के लिए उसने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के प्रवचनों में हिस्सा लिया और उसके वीडियो वायरल कराए। एक वीडियो को 10 लाख से ज्यादा व्यूज मिले। साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बाबू का एंगेजमेंट रेट 4.14% था, जो बताता है कि उसके फॉलोअर्स बॉट नहीं, बल्कि असली युवा थे। इसी धार्मिक और मददगार छवि के जाल में उलझाकर, उसने चुपके से युवाओं को अपने टेलीग्राम लिंक्स और सट्टेबाजी के डार्क वेब में धकेल दिया।
टॉप-ऑफ-फनल मार्केटिंग' का खौफनाक खेल
मनोचिकित्सकों के नजरिए से देखें, तो बाबू ने सट्टेबाजी के लिए 'टॉप-ऑफ-फनल मार्केटिंग' का इस्तेमाल किया। पहले चरण में उसने दुबई की यात्राओं और लग्जरी कारों के जरिए अमीरी का एक तिलिस्म रचा। दूसरे चरण में उसने युवाओं के दिमाग में 'शॉर्टकट से अमीर' बनने का लालच पैदा किया। जब युवा इस चकाचौंध के शिकार हो गए, तो तीसरे चरण में उन्हें छांटकर सीधे 'डायमंड मास्टर', 'कलर 777' और '3 स्टंप्स' जैसे सट्टेबाजी ऐप्स का एडिक्ट बना दिया गया।
दुबई की वो ट्रिप और 60 ऐप्स का साम्राज्य
पांच साल पहले तक एक आम मोबाइल दुकान चलाने वाले बाबू की जिंदगी दुबई की एक यात्रा के बाद पूरी तरह बदल गई। पुलिस सूत्रों का दावा है कि बाबू ने अपने भाई करण और रिश्तेदारों के साथ मिलकर एक ऐसा नेक्सस खड़ा किया, जो मुंबई और दुबई से ऑपरेट हो रहा था। यह नेटवर्क छत्तीसगढ़ से लेकर गोवा, महाराष्ट्र, ओडिशा और बंगाल तक फैल गया। 2023 में पुलिस के दबाव के चलते काम कुछ धीमा हुआ, लेकिन उसने '55 एक्सचेंज' जैसे नए प्लेटफॉर्म बनाकर अपना सिंडिकेट फिर से खड़ा कर लिया
ललित मोदी और महादेव ऐप के आकाओं का साया
इस पूरे रैकेट का सबसे चौंकाने वाला पहलू इसके हाई-प्रोफाइल कनेक्शंस हैं। बाबू खेमानी की आईपीएल के पूर्व कमिश्नर और भगोड़े ललित मोदी के साथ तस्वीरें सामने आई हैं। खुफिया चर्चाएं तो यहां तक हैं कि दुबई और थाईलैंड की लगातार यात्राओं के दौरान उसकी मुलाकात महादेव सट्टा ऐप के कुख्यात प्रमोटर्स सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल से भी हुई थी।
3 लेयर का अभेद्य सिंडिकेट
यह कोई गली-मोहल्ले का सट्टा नहीं था। बाबू का नेटवर्क एक मल्टी-नेशनल कंपनी की तरह 3 लेयर में काम कर रहा था। इसमें हर व्यक्ति का रोल—पैसा घुमाने से लेकर नए पैनल बनाने तक—तय था। इस सिंडिकेट में कटनी का मनोज उर्फ एमके, सक्ती का अरुण, एक एमसीएक्स कारोबारी और क्लब संचालक चीकू जैसे कई रसूखदार नाम शामिल हैं।
फिलहाल पुलिस ने बाबू की लग्जरी कार जब्त कर ली है और उसके इस 'डिजिटल मायाजाल' की परतों को उधेड़ना शुरू कर दिया है। यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी का नहीं है, बल्कि इस बात का अलर्ट है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चकाचौंध और 'रील' के पीछे का 'रियल' सच कितना खतरनाक हो सकता है।
