बिलासपुर में संदिग्ध दस्तावेजों पर पुलिस का शिकंजा, 23 लोगों को भेजा रायपुर होल्डिंग सेंटर; पश्चिम बंगाल तक पहुंची जांच टीम
बिलासपुर। बिना वैध दस्तावेजों के रहने वाले संदिग्ध लोगों की पहचान और उनके दस्तावेजों के सत्यापन को लेकर बिलासपुर पुलिस का अभियान तेज हो गया है। इसी कार्रवाई के तहत सिरगिट्टी क्षेत्र में रहने वाले 23 लोगों को रायपुर स्थित होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर भेजा गया है। पुलिस के मुताबिक, इन लोगों के रिकॉर्ड में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और आसपास के इलाकों के पते दर्ज थे, लेकिन सत्यापन के दौरान कुछ पते मौके पर सही नहीं मिले। अब संबंधित लोगों की पहचान और दस्तावेजों की विस्तृत जांच रायपुर में की जाएगी।
दस्तावेजों की पड़ताल के लिए पश्चिम बंगाल पहुंची पुलिस टीम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राज्य शासन के निर्देश पर बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने संदिग्ध लोगों की पहचान और दस्तावेजों की जांच के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित की है। टीम ने सिरगिट्टी क्षेत्र में रहने वाले ऐसे लोगों की जानकारी जुटाई, जिनके दस्तावेज या मूल निवास को लेकर संदेह सामने आया था। इसके बाद रिकॉर्ड में दर्ज पते की वास्तविकता जांचने के लिए पुलिस की विशेष टीम पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और जंगीपुर पहुंची। स्थानीय पुलिस अधिकारियों और संबंधित थाना प्रभारियों से संपर्क कर संदिग्धों के दस्तावेज, पते और अन्य जानकारियों का सत्यापन कराया गया।
कई पते जांच में नहीं मिले सही
पुलिस का कहना है कि पश्चिम बंगाल में मौके पर पहुंचकर किए गए सत्यापन के दौरान सूची में दर्ज कुछ पते वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाते मिले। इसके बाद बिलासपुर में संबंधित लोगों से जुड़े दस्तावेजों और उनकी पहचान की दोबारा जांच की गई। प्रारंभिक सत्यापन और उपलब्ध जानकारी के आधार पर सिरगिट्टी क्षेत्र से चिन्हित 23 लोगों को रायपुर के होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर भेजा गया है। पुलिस के मुताबिक, वहां उनकी पहचान, दस्तावेज और अन्य कानूनी स्थिति का आगे परीक्षण किया जाएगा। हालांकि, केवल किसी पते के सत्यापन में विसंगति मिलने को अपने आप में किसी व्यक्ति की राष्ट्रीयता या अवैध प्रवास का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता; अंतिम स्थिति संबंधित जांच और दस्तावेजी सत्यापन के आधार पर स्पष्ट होगी।
पुलिस ने जारी किया टोल फ्री नंबर
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में किसी व्यक्ति के दस्तावेजों या निवास को लेकर कोई संदिग्ध जानकारी सामने आती है, तो इसकी सूचना पुलिस को दें। इसके लिए 1800-233-1905 टोल फ्री नंबर जारी किया गया है। पुलिस का कहना है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और दस्तावेजों के सत्यापन के साथ संदिग्ध मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी कवायद का उद्देश्य संदिग्ध पहचान और दस्तावेजों से जुड़े मामलों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाना है।
