अब घर बैठे बदलेगा नाम: छत्तीसगढ़ में ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से होगी पूरी प्रक्रिया, दलालों और दफ्तरों के चक्कर से मिलेगी राहत
दुर्ग। Chhattisgarh में अब नाम परिवर्तन की प्रक्रिया पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान और पारदर्शी होने जा रही है। लोगों को नाम बदलवाने के लिए सरकारी दफ्तरों और दलालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, क्योंकि अब यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर की जाएगी। प्रशासन ने गजट प्रकाशन सेवा के लिए 29 दिनों की समय-सीमा भी तय कर दी है, जिससे आवेदकों को तय समय में सुविधा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त बनाना है।
नई व्यवस्था के तहत आवेदकों को लोक सेवा केंद्र या सामान्य सेवा केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य होगा। इनमें 430 रुपये का बैंक चालान, स्थानीय समाचार पत्र में प्रकाशित नाम परिवर्तन सूचना, दो गवाहों के हस्ताक्षर सहित विलेख प्रपत्र, 50 रुपये के नॉन-ज्यूडिशियल स्टाम्प पर नोटराइज्ड शपथ पत्र और पहचान संबंधी दस्तावेज शामिल हैं। आवेदन जमा होने के बाद आवेदक को एक विशेष एआरएन नंबर जारी किया जाएगा, जिसके जरिए पूरी प्रक्रिया को ट्रैक किया जा सकेगा।
प्रक्रिया के पहले चरण में संबंधित तहसीलदार द्वारा दस्तावेजों की जांच की जाएगी। यदि आवेदन में कोई त्रुटि या दस्तावेज अधूरे पाए जाते हैं, तो आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा। दस्तावेज सही पाए जाने पर आवेदन को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के पोर्टल पर भेजा जाएगा। वहां डिजिटल सत्यापन के बाद आवेदन को शासकीय मुद्रणालय पोर्टल में प्रेषित किया जाएगा, जहां अंतिम जांच और अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी होगी।
शासकीय मुद्रणालय स्तर पर दस्तावेजों की दोबारा जांच के बाद नाम परिवर्तन की अधिसूचना साधारण राजपत्र भाग-3 (1) में प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद राजपत्र की सॉफ्ट कॉपी आवेदक के एआरएन नंबर पर अपलोड कर दी जाएगी। नागरिक चाहें तो नाम परिवर्तन की अधिसूचना राज्य शासन की आधिकारिक वेबसाइट से भी डाउनलोड कर सकेंगे। इस डिजिटल प्रक्रिया से न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि दस्तावेजों की निगरानी और रिकॉर्ड भी बेहतर तरीके से सुरक्षित रहेंगे।
प्रशासन ने हर स्तर पर कार्रवाई की समय-सीमा भी तय कर दी है। तहसीलदार और एसडीएम स्तर पर आवेदन की प्रक्रिया 7-7 कार्य दिवस के भीतर पूरी करनी होगी, जबकि उप-पंजीयक और शासकीय मुद्रणालय स्तर पर तय समयसीमा क्रमशः 7 और 15 कार्य दिवस रखी गई है। अधिकारियों का मानना है कि इस नई ऑनलाइन व्यवस्था से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
