महादेव ऐप केस: ओमान से लाया गया मुख्य आरोपी CBI रिमांड पर; भाजपा नेता ने कहा- अब प्रोटेक्शन मनी लेने वाले अफसरों पर हो एक्शन
रायपुर। हजारों करोड़ रुपये के महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर भारत लाया जा चुका है। उसे ओमान से प्रत्यर्पित किया गया है। रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत ने उसे आठ दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है। अदालत में सीबीआई ने बताया है कि पूछताछ से उन सरकारी अफसरों की पहचान की जाएगी, जिन्होंने सट्टा सिंडिकेट चलाने के बदले कथित रूप से प्रोटेक्शन मनी ली थी।
इस कार्रवाई के बाद, वरिष्ठ अधिवक्ता और भाजपा नेता नरेश गुप्ता ने सीबीआई की सराहना की है। उन्होंने उन वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की मांग की है, जिन्होंने कथित तौर पर इस ऐप को प्रमोट किया या संरक्षण दिया।
सबूत एजेंसियों के पास, रिकॉर्ड में दर्ज हैं नाम
नरेश गुप्ता ने सीबीआई मुख्यालय, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और संबंधित अधिकारियों को टैग करते हुए अपनी बात रखी है। उन्होंने लिखा कि महादेव ऐप के प्रमोटरों और संरक्षकों पर जांच एजेंसियां पहले भी छापे मार चुकी हैं। इन अफसरों के नाम सीबीआई और ईडी के रिकॉर्ड में पहले से दर्ज हैं। गुप्ता के अनुसार, एजेंसियों को सबूतों के साथ शिकायतें दी जा चुकी हैं। उन्होंने मौजूदा कार्रवाई के लिए सीबीआई को बधाई दी। साथ ही उम्मीद जताई कि अब अफसरों पर भी तेजी से एक्शन होगा।
छत्तीसगढ़ सरकार ने महादेव सट्टा ऐप से जुड़ी कई एफआईआर जांच के लिए सीबीआई को सौंपी हैं। इसके साथ ही, ईडी भी मामले की जांच मनी लॉन्ड्रिंग के नजरिए से कर रही है। नरेश गुप्ता इस पूरे मामले में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उन्होंने पहले भी सीबीआई को विस्तृत शिकायतें भेजकर वरिष्ठ अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण के आरोप लगाए थे। गुप्ता का कहना है कि अब मुख्य आरोपी हिरासत में है और एजेंसियां सक्रिय हैं। ऐसे में संरक्षण देने वाले शासकीय अधिकारियों पर बिना देरी के कार्रवाई होनी चाहिए।
