Khappar Yatra 2026: आधी रात तलवार लेकर निकलीं देवी, कवर्धा में उमड़ा आस्था का सैलाब; विजय शर्मा ने किए दर्शन
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा में महाअष्टमी की मध्यरात्रि को सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा खप्पर यात्रा का भव्य आयोजन हुआ। देवी आराधना और आस्था से जुड़े इस अनुष्ठान में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा के दौरान देवी के खप्पर स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर जुटे। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी देवी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। आयोजन के दौरान पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे।
तीन मंदिरों से आधी रात निकली खप्पर यात्रा
परंपरा के अनुसार, कवर्धा के चंडी मंदिर, दंतेश्वरी मंदिर और परमेश्वरी मंदिर से रात करीब 12:30 बजे खप्पर यात्राएं शुरू हुईं। तीनों मंदिरों से लगभग 15-15 मिनट के अंतराल पर यात्राएं निकाली गईं। इसके बाद श्रद्धालुओं के साथ यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों से होकर आगे बढ़ी। खप्पर यात्रा देवांगनपारा, ठाकुरपारा, एकता चौक, सिग्नल चौक, डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक, राजमहल चौक और गुप्ता पारा समेत विभिन्न इलाकों से गुजरी। निर्धारित मार्गों का भ्रमण पूरा करने के बाद खप्पर अपने-अपने मंदिरों में लौटे, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।
रियासतकाल से चली आ रही है परंपरा
कवर्धा की खप्पर यात्रा को रियासतकाल से चली आ रही धार्मिक परंपरा माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, खप्पर का संबंध मां काली के स्वरूप और रक्तबीज वध की कथा से जुड़ा है। मान्यता है कि मां काली ने रक्तबीज का वध करते समय उसके रक्त को खप्पर में धारण किया था। इसी वजह से खप्पर को बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। यात्रा के दौरान जलते अंगारों से जुड़े अनुष्ठान भी किए जाते हैं। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि यह परंपरा क्षेत्र को नकारात्मक शक्तियों और विपत्तियों से बचाने का प्रतीक है। अनुष्ठान में शामिल साधक कठिन नियमों और साधना के माध्यम से देवी के प्रति अपनी श्रद्धा और समर्पण प्रकट करते हैं।
हजारों श्रद्धालुओं की भीड़, कुछ इलाकों में लगा जाम
महाअष्टमी की रात खप्पर यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा संपन्न होने के बाद वाहनों की आवाजाही बढ़ने से नगर के कुछ हिस्सों में कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। इसके बावजूद धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा के लिए पुलिस अलर्ट, ड्रोन से निगरानी
खप्पर यात्रा को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। यात्रा मार्ग पर पुलिस जवान तैनात किए गए थे। भीड़ और गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली गई। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी गई, ताकि भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट के कारण माहौल प्रभावित न हो। कवर्धा की खप्पर यात्रा ने एक बार फिर शहर की धार्मिक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और श्रद्धालुओं की आस्था की झलक पेश की।
