शराब घोटाले में ED का बड़ा एक्शन: कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल गिरफ्तार, 3400 करोड़ के केस में आज कोर्ट में पेशी

शराब घोटाले में ED का बड़ा एक्शन: कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल गिरफ्तार, 3400 करोड़ के केस में आज कोर्ट में पेशी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के कथित बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज बड़ा कदम उठाते हुए कांग्रेस नेता और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब राज्य में कथित शराब घोटाले से जुड़े मामलों की जांच एजेंसियों द्वारा लगातार आगे बढ़ाई जा रही है। 

रामगोपाल अग्रवाल इससे पहले आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। अब ED उनसे कथित मनी लॉन्ड्रिंग और शराब कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन के संबंध में पूछताछ करेगी। ED आज उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग कर सकती है। इसके बाद अदालत यह तय करेगी कि पूछताछ के लिए कितने समय की हिरासत दी जाती है।छत्तीसगढ़ कांग्रेस में कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालते थे रामगोपाल अग्रवाल।

EOW के बाद अब ED के सवालों के घेरे में रामगोपाल
रामगोपाल अग्रवाल ने करीब तीन साल तक फरार रहने के बाद 8 जुलाई को EOW कार्यालय में सरेंडर किया था। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया था। EOW की हिरासत में पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी ने शराब घोटाले के अलावा कथित कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े आर्थिक लेन-देन के पहलुओं की भी पड़ताल की थी। अब ED इसी व्यापक वित्तीय नेटवर्क से जुड़े सवालों पर उनसे पूछताछ कर सकती है।

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क्या है रामगोपाल अग्रवाल पर आरोप?
EOW के अनुसार, जांच में कथित शराब घोटाले, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े पैसों के लेन-देन में रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका की जांच की जा रही है। एजेंसी का आरोप है कि इन मामलों से जुड़े कथित अवैध पैसों को अलग-अलग माध्यमों से ठिकाने लगाने की कोशिश की गई। हालांकि, इन आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होना बाकी है और गिरफ्तारी अपने आप में दोष सिद्धि नहीं है।EOW-ACB में रामगोपाल अग्राल ने पिछले महीने सरेंडर किया था।

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8 जुलाई को किया था सरेंडर
रामगोपाल अग्रवाल लंबे समय से जांच एजेंसियों की कार्रवाई के दायरे में थे। करीब तीन साल तक फरार रहने के बाद उन्होंने 8 जुलाई को EOW कार्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण किया था। सरेंडर के बाद उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया और अदालत में पेश किया गया। अदालत ने शुरुआत में उन्हें पुलिस रिमांड पर भेजा था। इसके बाद रिमांड अवधि बढ़ती गई और अंततः उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। अब ED की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में जांच का एक नया चरण शुरू हो गया है।

जेल जाने से पहले भूपेश बघेल ने की थी मुलाकात
रामगोपाल अग्रवाल की न्यायिक हिरासत से पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनसे मुलाकात की थी। उस दौरान भूपेश बघेल ने केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। कांग्रेस की ओर से लगातार इन मामलों को राजनीतिक कार्रवाई बताया जाता रहा है, जबकि जांच एजेंसियां अपने आरोपों और जांच के आधार पर कार्रवाई की बात कहती रही हैं।25 जुलाई को भूपेश बघेल ने रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात की थी।

3400 करोड़ का शराब घोटाला क्या है?
छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले की जांच में ED और राज्य की आर्थिक अपराध जांच एजेंसियां सरकारी शराब कारोबार में कथित अनियमितताओं, अवैध कमीशन और बिना हिसाब वाली शराब की बिक्री से जुड़े आरोपों की जांच कर रही हैं। ED ने अपनी पूर्व जांच में आरोप लगाया था कि वर्ष 2019 से 2022 के बीच शराब कारोबार में एक कथित संगठित नेटवर्क के जरिए अवैध कमीशन और अनधिकृत शराब बिक्री से रकम जुटाई गई। ED ने इस मामले में संपत्तियां भी अटैच की हैं। समय के साथ इस मामले में जांच का दायरा बढ़ा है और कई कारोबारी, अधिकारी तथा राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों के नाम जांच के अलग-अलग चरणों में सामने आए हैं।

आज कोर्ट में पेशी, रिमांड पर नजर
गिरफ्तारी के बाद अब सबसे अहम घटनाक्रम कोर्ट में पेशी है। ED रामगोपाल अग्रवाल को अदालत के सामने पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड की मांग कर सकती है। अदालत की ओर से रिमांड पर फैसला होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ED को पूछताछ के लिए कितने दिनों की हिरासत मिलती है। फिलहाल, रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी ने छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले की जांच को एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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