नगर निगम बिलासपुर के दावे ध्वस्त, बिलासपुर की निचली बस्तियों में घुसा पानी, सरकंडा अशोक नगर बंधवा पारा क्षेत्र में बर्तन तैर रहे, गौवंश पानी में तैरते दिखे....
बिलासपुर। बिलासपुर में लगातार हो रही बारिश आफत बन गई है। शहर के निचली बस्तियों के साथ ही रिहायशी इलाकों में बारिश का पानी घरों में घुस गया, जिसके चलते लोग बीती रात से लोग परेशान होते रहे। वहीं, ग्रामीण इलाकों के साथ ही सूखी अरपा नदी में बाढ़ की स्थिति बन गई है। नदी के निचले इलाके बूटापारा दोमहनी में गांव में पानी घुस गया है।

वहीं देवरीखुर्द से लगे सफेदखदान में भी बारिश का पानी घरों में प्रवेश कर गया है। जिससे देर रात से लोग परेशान होते रहे ग्रामीणों के अनुसार देवरीखुर्द और सफेद खदान में जनप्रतिनिधियों ने आम लोगों का फोन रिसीव करना बंद कर दिया है।

इधर, मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है। रविवार को भी भारी बारिश का अलर्ट है इसे देखते हुए कलेक्टर ने भी आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम के साथ ही मैदानी अमले को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

सावन शुरू होने से पहले ही जमकर हुई बरसात
जिले में इस बार मानसून पहले ही सक्रिय हो गया था। लेकिन, बीच में बारिश थम गई थी। जुलाई यानी कि आषाढ़ में अपेक्षाकृत कम बरसात हुई। लेकिन, अब सावन शुरू होने से पहले ही पिछले 2 दिन से रुक रुक के लगातार बारिश हो रही है।
गुरुवार की रात हुई मूसलाधार बारिश से शहर के रिहायशी इलाकों के घरों में भी पानी भर गया। वहीं, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही इलाके में हुई बारिश के बाद ग्रामीण इलाकों में बाढ़ के हालात बन गए हैं।
बीती रात हुई बारिश के बाद शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया। पुराना बस स्टैंड, सरकंडा, तोरवा, श्रीकांत वर्मा मार्ग, व्यापार विहार, हंसा विहार, देवरीखुर्द, राजकिशोर नगर, मोपका, सिरगिटटी, मंगला, उसलापुर आदि क्षेत्रों में लबालब पानी भर गया है।
कई स्थानों पर सड़कों पर पानी का स्तर एक फीट तक पहुंच गया, जिससे यातायात में बाधा आई और लोगों को परेशान होते रहे। वहीं, सरकंडा बंधवा पारा सिरगिट्टी व चुचुहियापारा के कई जगहों में बारिश का पानी घरों में घुस गया। इसके चलते रात तीन बजे से परेशान हो रहे है गुरुवार की रात हुई बारिश के बाद फिर से उनकी चिंता बढ़ गई है। बारिश ज्यादा हुई तो अन्य इलाकों में भी पानी पहुंचने का डर सता रहा है।
निगम प्रशासन के दावों की खुली पोल
बारिश से पहले नगर निगम ने दावा किया था कि इस बार जलभराव की समस्या नहीं होगी। लेकिन, मूसलाधार बारिश होते ही निचली बस्तियों के साथ ही रिहायशी इलाकों जलभराव जैसे हालात बन गए। गलियों में घुटनों तक पानी जमा हो, जिससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी ठप हो गई है।
