महादेव सट्टा ऐप : स्पोर्ट्स एंकर शेफाली बग्गा से रायपुर में ईडी कर रही पूछताछ; हवाला कारोबारियों से लेनदेन की आशंका
रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले में अपनी कार्रवाई की गति बढ़ा दी है। इसी मामले में कदम उठाते हुए मशहूर स्पोर्ट्स एंकर शेफाली बग्गा को ईडी की टीम रायपुर लेकर आई है। रायपुर स्थित ईडी कार्यालय में उनसे पूछताछ की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जांच कर रहे सूत्रों के अनुसार, महादेव बेटिंग ऐप को प्रमोट करने के मामले में शेफाली बग्गा की भूमिका को संदिग्ध माना जा रहा है। जांच एजेंसी मुख्य रूप से ऐप के प्रमोशन और इसके माध्यम से हुए वित्तीय लेनदेन को लेकर उनसे लगातार जवाब मांग रही है।
हवाला कारोबारियों से लेनदेन पर फोकस
रायपुर के ईडी दफ्तर में चल रही इस पूछताछ में सबसे बड़ा विषय हवाला नेटवर्क का है। ईडी के अधिकारी शेफाली बग्गा से हवाला कारोबारियों के साथ उनके कथित संबंधों के बारे में कड़े सवाल-जवाब कर रहे हैं। जांच टीम यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या सट्टेबाजी ऐप को प्रमोट करने के बदले उन्हें हवाला के माध्यम से पैसे दिए गए थे। उनके बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की गहराई से पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि उनके और हवाला ऑपरेटरों के बीच किस तरह का वित्तीय व्यवहार रहा है।
क्रिकेटर युजवेंद्र चहल के साथ नाम आने पर भी हुई थीं चर्चा में
यह पहली बार नहीं है जब शेफाली बग्गा का नाम चर्चा में आया है। कुछ दिनों पहले स्पोर्ट्स एंकर शेफाली बग्गा का नाम मशहूर भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल के साथ भी सामने आया था। हालांकि, उस समय इन दोनों ही हस्तियों ने सामने आकर इन आरोपों को पूरी तरह से गलत और निराधार बताया था। दोनों ने ही ऐसी किसी भी बात से इंकार किया था। अब महादेव ऐप के मामले में पूछताछ के कारण शेफाली एक बार फिर सुर्खियों में आ गई हैं।
91.82 करोड़ की संपत्तियां कुर्क, दुबई की कंपनियों पर एक्शन
दूसरी ओर, प्रवर्तन निदेशालय ने महादेव ऑनलाइन बुक और Skyexchange.com के सट्टेबाजी नेटवर्क पर भी बड़ा प्रहार किया है। एजेंसी ने इस नेटवर्क की लगभग 91.82 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क किया है। इस बड़ी कार्रवाई के तहत दुबई की दो प्रमुख कंपनियों के खातों पर भी रोक लगाई गई है। इनमें ‘परफेक्ट प्लान इन्वेस्टमेंट एलएलसी’ और ‘एग्जिम जनरल ट्रेडिंग’ शामिल हैं। इन दोनों कंपनियों के बैंक खातों में जमा 74.28 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को फ्रीज कर दिया गया है।
काले धन को सफेद करने का नेटवर्क
ईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे सौरभ चंद्राकर, अनिल अग्रवाल और विकास छपरिया जैसे नाम शामिल हैं। इन लोगों पर आरोप है कि ये सट्टेबाजी से कमाए गए अवैध पैसे को दुबई की कंपनियों के माध्यम से वैध बनाने (सफेद करने) का काम कर रहे थे। अवैध पैसों को वैध बनाने के इसी खेल को तोड़ने के लिए ईडी लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी मामले की कड़ियां मिलाते हुए टीम ने अब स्पोर्ट्स एंकर शेफाली बग्गा को भी रायपुर बुलाकर पूछताछ शुरू कर दी है।
कुल मिलाकर, प्रवर्तन निदेशालय की टीम महादेव ऐप मामले में हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। दुबई से लेकर रायपुर तक फैले इस पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसा जा रहा है। जांच अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि अवैध धन के लेन-देन में शामिल हर व्यक्ति से पूछताछ हो, जिससे पूरे वित्तीय लेन-देन का सच सामने आ सके।
