महादेव एप मामला: मास्टरमाइंड सौरभ को भारत लाने की दौड़-भाग तेज, इधर सट्टे का पैसा खपाने वाला कारोबारी 10 दिन की रिमांड पर

महादेव एप मामला: मास्टरमाइंड सौरभ को भारत लाने की दौड़-भाग तेज, इधर सट्टे का पैसा खपाने वाला कारोबारी 10 दिन की रिमांड पर

रायपुर। महादेव बेटिंग एप और स्काई एक्सचेंज मामले में जांच एजेंसियां अब तेजी से कार्रवाई कर रही हैं। एक तरफ ओमान में बैठे मास्टरमाइंड को देश लाने के प्रयास चल रहे हैं, तो दूसरी तरफ भारत में सट्टे का पैसा निवेश करने वाले लोग पकड़े जा रहे हैं।

सीबीआई इस समय इंटरपोल की मदद से एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को भारत लाने में लगी हुई है। सौरभ अभी ओमान की राजधानी मस्कट में है और उसे वहां नजरबंद किया गया है। उसे हिरासत में लिए हुए 20 दिन बीत चुके हैं। जांच एजेंसियों के पास समय कम है। अगर एक महीने के भीतर उसे भारत नहीं लाया गया, तो ओमान की पुलिस उसे छोड़ सकती है। भारत की एजेंसियां पूरी कोशिश कर रही हैं कि इस बार उसे कैसे भी करके भारत लाया जाए।

विदेश मंत्रालय के जरिए ओमान सरकार से लगातार बातचीत चल रही है। अदालत से सौरभ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और प्रत्यर्पण आदेश जारी हो चुके हैं। मामले से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेजों को तीन भाषाओं में अनुवाद कराया गया है। इसके बाद इन्हें ओमान की अदालत में पेश करने के लिए वहां भेज दिया गया है। जांच एजेंसियों ने दावा किया है कि दो महीने के भीतर सौरभ को भारत लाया जा सकता है।

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एजेंसियां मानती हैं कि सौरभ को भारत लाना एक बड़ी कामयाबी होगी। उससे पूछताछ में कई राज खुल सकते हैं। सट्टेबाजी के इस बड़े नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे, चुनाव के समय किन लोगों को पैसा दिया गया, किन अधिकारियों को प्रोटेक्शन मनी मिली और किन राजनेताओं का संरक्षण हासिल था, इन सभी बातों का खुलासा हो सकता है। चुनाव से ठीक पहले दुबई से शुभम सोनी ने एक वीडियो जारी कर कई बड़े लोगों पर आरोप लगाए थे। ऐसे में सौरभ के बयान पूरी जांच को नई दिशा दे सकते हैं।

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दिल्ली से गिरफ्तार कारोबारी विकास गर्ग से पूछताछ शुरू

देश के भीतर सट्टे का पैसा ठिकाने लगाने वाले नेटवर्क पर भी कार्रवाई जारी है। दो दिन पहले दिल्ली से पकड़े गए कारोबारी विकास गर्ग को बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने ईडी की मांग मान ली और विकास को 10 दिन की रिमांड पर सौंप दिया। रिमांड मिलते ही उससे पूछताछ भी शुरू हो गई है।

ईडी को लेन-देन के पक्के सबूत मिले हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि विकास का संपर्क प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल से था। वह इन्हीं दोनों के कहने पर सट्टे की कमाई को अलग-अलग जगह निवेश करता था। सट्टे के अवैध पैसों का इस्तेमाल करके एबिक्सकैश नाम की कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी गई। अवैध कमाई को वैध बनाने के लिए कई कंपनियों का सहारा लिया गया और निवेश करके पैसा खपाया गया।

विकास पर ईडी कई महीनों से नजर रखे हुए थी। हाल ही में एजेंसी ने विकास और उसके परिवार की कंपनियों की 940.77 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच की थीं। अब 10 दिन की रिमांड के दौरान ईडी विकास से इसी बड़े लेन-देन के बारे में पूछताछ कर रही है। आगे की कानूनी कार्रवाई भी इन्हीं जवाबों के आधार पर तय होगी।

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