Chhattisgarh Ration Card Update: ई-केवायसी नहीं कराई तो अटक सकता है राशन, लाखों हितग्राहियों का सत्यापन अब भी बाकी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में राशन कार्डधारियों के लिए ई-केवायसी (e-KYC) कराना अब बेहद जरूरी हो गया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत पात्र परिवारों को खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता लाने और अपात्र लोगों को सूची से बाहर करने के लिए सरकार लगातार ई-केवायसी अभियान चला रही है। हालांकि अभियान के बावजूद प्रदेश में लाखों हितग्राहियों का सत्यापन अभी तक पूरा नहीं हो पाया है, जिससे उन्हें राशन प्राप्त करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खाद्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 82 लाख से अधिक राशन कार्डधारी परिवार पंजीकृत हैं। इनमें अंत्योदय अन्न योजना और प्राथमिकता श्रेणी के करोड़ों लाभार्थी शामिल हैं। इसके बावजूद लगभग 8 प्रतिशत हितग्राहियों की ई-केवायसी प्रक्रिया अभी अधूरी है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों, बुजुर्गों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के बीच सत्यापन की प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी रही है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में पात्र लाभार्थी अब भी ई-केवायसी से वंचित हैं।
ई-केवायसी के दौरान सबसे बड़ी चुनौती बायोमेट्रिक सत्यापन में सामने आ रही है। कई बुजुर्गों और मेहनत-मजदूरी करने वाले लोगों के फिंगरप्रिंट मशीन में स्पष्ट रूप से मैच नहीं हो पा रहे हैं, जिससे उनका सत्यापन अधूरा रह जाता है। खासकर वृद्धजनों और दैनिक श्रमिकों के हाथों की त्वचा घिस जाने के कारण अंगूठे के निशान पहचानने में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। इससे हजारों मामलों में ई-केवायसी लंबित है।
ऐसे हितग्राहियों की सुविधा के लिए खाद्य विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था लागू की है। यदि फिंगरप्रिंट के जरिए सत्यापन संभव नहीं हो रहा है, तो मोबाइल एप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन कर ई-केवायसी पूरी की जा सकती है। राशन दुकानों और अधिकृत केंद्रों में यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे पात्र लाभार्थियों को सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने में आसानी हो सके।
केंद्र सरकार की ओर से पीडीएस व्यवस्था में पारदर्शिता और वास्तविक लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए ई-केवायसी को अनिवार्य किया गया है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार भी तेजी से काम कर रही है। जिला स्तर पर अधिकारियों को लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का मानना है कि ई-केवायसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद राशन वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगी।
जिन राशन कार्डधारियों की ई-केवायसी अब तक पूरी नहीं हुई है, उन्हें जल्द से जल्द अपनी उचित मूल्य दुकान या नजदीकी सत्यापन केंद्र में पहुंचकर प्रक्रिया पूरी कराने की सलाह दी गई है। समय रहते सत्यापन नहीं कराने पर भविष्य में राशन प्राप्त करने में दिक्कत आ सकती है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खाद्यान्न योजना का लाभ केवल पात्र और जरूरतमंद लोगों तक ही पहुंचे।
