Bilaspur News: गरबा रील में सिगरेट और पिस्टल दिखाने पर बवाल, शिकायत के बाद 9 लोग गिरफ्तार; 5 युवतियां भी शामिल
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए कुछ वीडियो को लेकर विवाद गहरा गया है। गरबा की पारंपरिक वेशभूषा में धूम्रपान करती युवती और एक अन्य वीडियो में पिस्टल निकालते दिखाई देने के दावे के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया। हिंदू संगठनों ने इन वीडियो पर आपत्ति जताते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में पांच युवतियां और चार युवक शामिल बताए गए हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, शिफा मैथ्यू के सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की गई रील को लेकर आपत्ति सामने आई। वीडियो में गरबा परिधान में धूम्रपान करते हुए दिखाई देने का दावा किया गया, जबकि एक दूसरे वीडियो में पिस्टल निकालने का दृश्य होने की बात कही गई। इन वीडियो के सामने आने के बाद कुछ हिंदू संगठनों ने नाराजगी जताई। संगठनों की ओर से पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच करने और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
गरबा पास और मेकअप के प्रचार से जुड़ी थी रील
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संबंधित वीडियो गरबा पास और मेकअप के प्रचार के उद्देश्य से बनाए गए थे। हालांकि, वीडियो में दिखाई गई गतिविधियों को लेकर विवाद बढ़ गया और मामला औपचारिक शिकायत तक पहुंच गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की। वीडियो से जुड़े लोगों की भूमिका और घटनाक्रम के अन्य पहलुओं की पड़ताल के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
पांच युवतियों और चार युवकों की गिरफ्तारी
सिविल लाइन थाना पुलिस ने इस मामले में कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें पांच युवतियां और चार युवक शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 299 और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किए जाने की जानकारी दी है। इन धाराओं के तहत दर्ज मामले में पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पिस्टल से संबंधित वीडियो के मामले में हथियार की प्रकृति और उससे जुड़े तथ्यों की पुष्टि भी महत्वपूर्ण होगी।
पुलिस कार्रवाई के बाद मामले पर नजर
सोशल मीडिया रील से शुरू हुआ विवाद अब गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। मामले में पुलिस की जांच के साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि वायरल वीडियो का पूरा संदर्भ क्या था और संबंधित गतिविधियों में किसकी क्या भूमिका रही। फिलहाल मामले में आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा। गिरफ्तारी अपने आप में किसी व्यक्ति का दोष सिद्ध नहीं करती।
