बेमेतरा में प्रमोशन का बड़ा खेल पुरानी एसीआर की ग्रेडिंग बदलकर अफसर को मिला उच्च पद
रायपुर। राज्य के सरकारी विभागों में प्रमोशन को लेकर एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। मामला बेमेतरा जिले में पदस्थ कार्यपालन अभियंता सी एस शिवहरे से संबंधित है। आरोप है कि अगले पद पर प्रमोशन पाने के लिए उनकी पुरानी वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (एसीआर ) में नियमों को ताक पर रखकर बदलाव किया गया है। इस खुलासे के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप की स्थिति है। पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर सरकारी सिस्टम में इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे हो गई।
डीपीसी और आदेश में गड़बड़ी....
पदोन्नति के लिए विभागीय समिति की बैठक 17 अप्रैल को रखी गई थी। इसके बाद शासन स्तर पर नवा रायपुर अटल नगर से 4 मई को पदोन्नति का आदेश जारी हुआ। इस आदेश का क्रमांक ईएसटीबी 102 1 1 2026 डब्ल्यूआरडी है। आदेश पुनरीक्षित डीपीसी के आधार पर निकाला गया था। लेकिन अब दस्तावेजों के मिलान से यह बात सामने आयी है कि यह डीपीसी पूरी तरह से नियम विरुद्ध है। इस कारण से इसे अमान्य घोषित करने की मांग की जा रही है।
तीन साल में बदल गई पुरानी ग्रेडिंग
गड़बड़ी का खुलासा अफसर की पुरानी और नई डीपीसी के दस्तावेजों की जांच से हुआ। साल 2023 में जब सी एस शिवहरे को सहायक अभियंता से कार्यपालन अभियंता के पद पर प्रमोट किया गया था तब उनके दस्तावेजों की जांच हुई थी। उस वक्त के ग्रेडिंग चार्ट में मार्च 2021 और मार्च 2022 की एसीआर का मूल्यांकन क और क श्रेणी में किया गया था। लेकिन तीन साल बाद स्थिति बिल्कुल बदल गई।
साल 2026 में जब कार्यपालन अभियंता से अधीक्षण अभियंता के पद के लिए दोबारा डीपीसी बैठी तो उन्हीं पुराने सालों की एसीआर अपग्रेड हो गई। नई डीपीसी के ग्रेडिंग चार्ट में मार्च 2021 और मार्च 2022 की एसीआर का मूल्यांकन क प्लस और क प्लस दर्ज किया गया। अब यक्ष प्रश्न है यह है कि जो एसीआर एक बार लिखी जा चुकी है और जिसके आधार पर पहले प्रमोशन मिल चुका है उसकी ग्रेडिंग सालों बाद अपने आप कैसे बढ़ गई।
पदोन्नति निरस्त करने और जांच की मांग
यह मामला सीधे तौर पर सरकारी रिकॉर्ड में छेड़छाड़ का मामला है। पुरानी एसीआर में मनमाना बदलाव कर प्रमोशन लेना नियमों के सख्त खिलाफ है। इस तरह के फर्जीवाड़े से व्यवस्था की पारदर्शिता पर प्रश्न उठते है।
