EOW की बड़ी कार्रवाई: फरार SDO गिरफ्तार, भारतमाला घोटाले की खुलेंगी परतें

EOW की बड़ी कार्रवाई: फरार SDO गिरफ्तार, भारतमाला घोटाले की खुलेंगी परतें

रायपुर। बहुचर्चित भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाला मामले में जांच एजेंसी को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे तत्कालीन एसडीओ (भू-अर्जन) अभनपुर निर्भय कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी पर पद का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये के फर्जी मुआवजा वितरण का आरोप है।

जांच एजेंसी ने आरोपी के खिलाफ धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120बी IPC और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

भूमि अधिग्रहण में बड़ा खेल, बैकडेट में बांटी जमीन
जांच में सामने आया है कि भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्नम कॉरिडोर और दुर्ग बायपास में भूमि अधिग्रहण के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई।

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आरोप है कि निर्भय साहू ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों और जमीन कारोबारियों के साथ मिलकर तहसील अभनपुर के गांवों नायकबांधा, उगेतरा, उरला, भेलवाडीह और टोकरो की जमीन को बैकडेट में छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दिया। इस हेराफेरी के जरिए पात्रों को मिलने वाले मुआवजे से कई गुना अधिक राशि जारी की गई, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।

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जलाशय की जमीन का दोबारा अधिग्रहण दिखाकर बांटा पैसा
जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। बताया गया कि नायकबांधा जलाशय के लिए पहले से अधिग्रहित भूमि को भी दोबारा भारतमाला परियोजना के नाम पर अधिग्रहित दिखाया गया।इसके बाद उसी जमीन पर फिर से मुआवजा जारी कर दिया गया, जिससे करोड़ों रुपये का फर्जी भुगतान किया गया।

फरारी के दौरान जमानत याचिका खारिज
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका भी दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद विशेष न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट और उद्घोषणा जारी की थी, लेकिन वह लगातार फरार चल रहा था।

पुलिस रिमांड में बड़ा खुलासा संभव
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विशेष न्यायालय रायपुर में पेश किया गया, जहां से उसे 17 मार्च से 30 मार्च 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस घोटाले से जुड़े अन्य आरोपियों, अधिकारियों और पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

जांच में और बड़े खुलासों की उम्मीद
यह मामला छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित भूमि अधिग्रहण घोटालों में से एक माना जा रहा है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं, जिससे आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

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