गरीबों की सेहत से खिलवाड़? सरकारी अस्पतालों में ‘खराब दवाओं’ की सप्लाई का आरोप, कांग्रेस ने राज्यपाल से की जांच की मांग

गरीबों की सेहत से खिलवाड़? सरकारी अस्पतालों में ‘खराब दवाओं’ की सप्लाई का आरोप, कांग्रेस ने राज्यपाल से की जांच की मांग

रायपुर। छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सरकारी अस्पतालों में गरीब मरीजों को अमानक, नकली और निम्न स्तरीय दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे मरीजों की सेहत खतरे में पड़ रही है। इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है।

ज्ञापन में कांग्रेस ने दावा किया है कि छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (CGMSC) द्वारा सप्लाई की गई कई दवाओं को बाद में जांच रिपोर्ट के आधार पर अमानक घोषित कर वापस मंगाया जाता है। कांग्रेस का आरोप है कि जब तक ऐसी दवाओं पर रोक लगती है, तब तक हजारों मरीज उनका सेवन कर चुके होते हैं। इससे स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी और खरीद प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा भी समय-समय पर दवाओं की गुणवत्ता को लेकर आशंकाएं जताई जाती रही हैं। इसके बावजूद संबंधित शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।

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कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि कई अस्पतालों में दवाओं के भंडारण के लिए जरूरी मानकों का पालन नहीं किया जाता, जिससे दवाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता प्रभावित हो सकती है। विपक्ष का कहना है कि यदि दवाओं की खरीद, जांच और भंडारण प्रक्रिया में लापरवाही हुई है तो इसका सीधा असर गरीब मरीजों के स्वास्थ्य पर पड़ता है।

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ज्ञापन में राज्यपाल से मांग की गई है कि पिछले दो वर्षों में हुई दवा खरीदी और सप्लाई की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में भेजी गई दवाओं की गुणवत्ता की समीक्षा के लिए एक विशेष जांच दल गठित किया जाए।

कांग्रेस का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा यह मामला सीधे जनता की जिंदगी और सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए दोषियों की जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य सरकार और संबंधित विभाग इन आरोपों पर क्या रुख अपनाते हैं और जांच की मांग पर क्या फैसला लिया जाता है।

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