नितिन नबीन के दौरे से बढ़ी सियासी बेचैनी! क्या छत्तीसगढ़ बीजेपी में होने वाला है बड़ा बदलाव?

नितिन नबीन के दौरे से बढ़ी सियासी बेचैनी! क्या छत्तीसगढ़ बीजेपी में होने वाला है बड़ा बदलाव?

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का 20 जून को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरा राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे रहा है। संगठन इसे सामान्य दौरे के रूप में पेश कर रहा है, लेकिन पार्टी के भीतर चल रही गतिविधियों और लंबे समय से लंबित राजनीतिक फैसलों को देखते हुए इसे सत्ता और संगठन दोनों के लिए अहम माना जा रहा है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन का यह पहला छत्तीसगढ़ दौरा होगा। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह दौरा केवल संगठनात्मक बैठकों तक सीमित रहेगा या फिर प्रदेश सरकार और संगठन में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान, असंतोष और प्रदर्शन को लेकर भी समीक्षा होगी।

सूत्रों के अनुसार नितिन नबीन के दौरे की सूचना मिलते ही प्रदेश भाजपा में हलचल तेज हो गई है। पार्टी पदाधिकारियों और मंत्रियों के बीच बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पिछले डेढ़ साल से मंत्रिमंडल विस्तार और संभावित फेरबदल को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच यह दौरा कई नेताओं के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

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प्रदेश में लगातार उठ रहे स्थानीय मुद्दों, प्रशासनिक चुनौतियों और संगठन की सक्रियता को लेकर भी केंद्रीय नेतृत्व फीडबैक लेने के मूड में दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि नितिन नबीन के कार्यक्रम को लेकर सत्ता और संगठन दोनों स्तर पर विशेष सतर्कता देखी जा रही है।

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राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन विभिन्न राज्यों का दौरा कर संगठन की वास्तविक स्थिति का आकलन कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ उनके लिए नया प्रदेश नहीं है। लंबे समय तक प्रदेश प्रभारी रहने के कारण वे यहां के नेताओं, संगठनात्मक समीकरणों और सत्ता की कार्यशैली से अच्छी तरह परिचित हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि वे केवल औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि संगठन और सरकार के कामकाज पर विस्तृत फीडबैक भी लेंगे।

बीजेपी के भीतर यह भी चर्चा है कि केंद्रीय संगठन के पुनर्गठन और नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन से पहले राज्यों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जा रहा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के नेताओं की भूमिका, प्रभाव और भविष्य की जिम्मेदारियों को लेकर भी महत्वपूर्ण संकेत मिल सकते हैं।

हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक किसी बड़े फैसले या बदलाव को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन नितिन नबीन के प्रस्तावित दौरे ने सत्ता और संगठन दोनों में बेचैनी बढ़ा दी है। अब सभी की नजर 20 और 21 जून के कार्यक्रमों पर टिकी है, क्योंकि यह दौरा केवल राजनीतिक औपचारिकता नहीं बल्कि भाजपा की भविष्य की रणनीति और प्रदेश नेतृत्व के लिए एक अहम परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है।

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