चार दिन के अंतराल के बाद राहुल गांधी से आज फिर से हुई पूछताछ,ईडी ने कल के लिए फिर से बुलाया है

चार दिन के अंतराल के बाद राहुल गांधी से आज फिर से हुई पूछताछ,ईडी ने कल के लिए फिर से बुलाया है

चार दिन के अंतराल के बाद राहुल गांधी से आज फिर से हुई पूछताछ,ईडी ने कल के लिए फिर से बुलाया है नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को चौथे दिन पुछताछ की । राहुल गांधी को इस मामले में दुबारा शामिल होने के लिए ईडी ने मंगलवार […]

चार दिन के अंतराल के बाद राहुल गांधी से आज फिर से हुई पूछताछ,ईडी ने कल के लिए फिर से बुलाया है

नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को चौथे दिन पुछताछ की । राहुल गांधी को इस मामले में दुबारा शामिल होने के लिए ईडी ने मंगलवार को फिर से बुलाया है।

नई दिल्ली : चार दिन के अंतराल के बाद सोमवार को फिर राहुल गांधी से ईडी ने पूछताछ की। सोमवार को हुई लंबी पूछताछ के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने राहुल गांधी को मंगलवार को फिर बुलाया है। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पूछताछ सही दिशा में चल रही है। उन्होंने कहा कि एसोसिएटेड जर्नल पर यंग इंडिया का इंडिया का कब्जा मनी लांड्रिंग के लिए फिट केस है और इसमें वे कानून के तहत आगे भी कार्रवाई जारी रखेंगे। दरअसल पिछले हफ्ते सोमवार, मंगलवार और बुधवार को लगातार पूछताछ के बाद ईडी ने राहुल गांधी को शुक्रवार को फिर पूछताछ के लिए बुलाया था। लेकिन राहुल गांधी ने शुक्रवार के बजाय सोमवार का समय मांगा था।

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रविवार को अपना 52वां जन्मदिन मनाने के बाद वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सोमवार की सुबह 11.05 बजे ईडी दफ्तर पहुंचे। लगभग एक घंटे के लंच ब्रेक के बाद उनसे फिर से 4.45 बजे पूछताछ शुरू हुई। ईडी अब तक उनसे 35 घंटे से अधिक पूछताछ कर चुकी है। राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामला होने के कारण ईडी के अधिकारी राहुल गांधी से पूछे गए सवालों और उनके जवाब के बारे में नहीं बता रहे हैं। लेकिन वे इसे मनी लांड्रिंग के लिए फिट केस बता रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं के बिना एफआइआर के मनी लांड्रिंग का केस नहीं बनने और भाजपा के दबाव में कार्यवाही करने के आरोपों को वरिष्ठ अधिकारी ने खारिज कर दिया। उनके अनुसार ईडी सीआरपीसी के तहत कानून सम्मत कार्यवाही कर रहा है। उनके अनुसार सीआरपीसी में पुलिस में एफआइआर दर्ज कराने या फिर इसके लिए सीधे अदालत में शिकायत दर्ज करने का स्पष्ट प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सुब्रह्मणयम स्वामी ने पुलिस में एफआइआर दर्ज कराने के बजाय अदालत में शिकायत की।

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अदालत के सामने भी शिकायत को जांच के लिए पुलिस को भेजने या फिर खुद ही इसे देखने के दो रास्ते थे। अदालत ने दूसरा रास्ता अपनाया और शिकायत की पूरी जांच के बाद मामले को संज्ञान में लेते हुए समन जारी कर दिया। इसके खिलाफ आरोपी हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीमकोर्ट में भी गए। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में निचली अदालत के समन को सही ठहराया।

बाद में सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत सभी आरोपियों को जमानत लेनी पड़ी। उनके अनुसार 2015 के जमानत के आदेश में अदालत ने उन्हें साफ तौर पर आइपीसी धारा के 420 और 120बी के तहत आरोपी बताया है, जो मनी लांड्रिंग के लिए सूचीबद्ध धारा है।

ई़डी के वरिष्ठ अधिकारी ने यंग इंडिया से गैर लाभकारी कंपनी से रूप में पंजीकृत होने और किसी तरह का लाभ नहीं लिए जाने के कारण मनी लांड्रिंग का नहीं बनाने के तर्क को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यंग इंडिया ने पंजीकृत होने के बाद से समाज सेवा पर कोई खर्च नहीं किया है। जबकि एसोसिएटेड जर्नल की संपत्ति के किराये से यंग इंडिया को करोड़ों रुपये की आमदनी हो रही है। यंग इंडिया और एसोसिएट जर्नल दोनों के ही 99 फीसद शेयर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास हैं। जाहिर एसोसिएट जर्नल की संपत्ति और उससे होने वाली आय पर उनका अधिकार माना जाएगा। उन्होंने कहा कि यंग इंडिया के पास एसोसिएटेड जर्नल की आई संपत्तियां दरअसल आपराधिक तरीके से अर्जित की गई है और इसीलिए मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून के तहत ईडी को उन्हें जब्त करने का अधिकार है। जानकारों का कहना है यह कार्यवाही पुरी तरह से गैर कानूनी है चूंकि यह कोई सरकारी संपत्ति या लेन देन नहीं है यह प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है और लोन में दिया गया है इसलिए इस पर धन शोधन मामला लागू ही नहीं होता है यह सिर्फ बदले की भावना से करवाया जा रहा है।

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