​रांची में छात्र आंदोलन आर-पार के मोड़ पर! तीसरी वार्ता भी बेनतीजा, JPSC के 3 सदस्यों का इस्तीफा; आज विधानसभा मार्च का ऐलान

​रांची में छात्र आंदोलन आर-पार के मोड़ पर! तीसरी वार्ता भी बेनतीजा, JPSC के 3 सदस्यों का इस्तीफा; आज विधानसभा मार्च का ऐलान

रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। आंदोलन के 16वें दिन रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच करीब 5 घंटे चली तीसरे दौर की वार्ता भी बिना किसी सहमति के खत्म हो गई। सरकार का दावा है कि उसने छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगें मान ली हैं, लेकिन आंदोलनकारी छात्र JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। बातचीत विफल होने के बाद छात्रों ने अब आंदोलन को और तेज करने का ऐलान कर दिया है।

5 घंटे की बैठक, लेकिन नहीं निकला समाधान
रविवार शाम स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार की विशेष समिति और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की बातचीत हुई। बैठक में सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा मौजूद रहे। सरकार की ओर से बताया गया कि छात्रों की कई प्रमुख मांगों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें 14वीं JPSC PT परीक्षा रद्द करना, ACF परीक्षा रद्द करना और TDPL एजेंसी की जांच जैसी मांगें शामिल हैं। लेकिन छात्रों की सबसे बड़ी मांगों पर सहमति नहीं बन सकी।

JSSC-CGL और CBI जांच पर अटका पेंच
आंदोलनकारी छात्र JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के साथ पूरे भर्ती प्रकरण की CBI से जांच कराने की मांग कर रहे हैं। सरकार ने बैठक में तर्क दिया कि JSSC-CGL से जुड़ा मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में है। ऐसे में राज्य सरकार की ओर से तत्काल CBI जांच का आदेश देना कानूनी रूप से आसान नहीं है। इसके विकल्प के तौर पर सरकार ने छात्रों के सामने कई प्रस्ताव रखे।

Read More Jharkhand Student Protest: भर्ती घोटालों पर झारखंड में उबाल, 11वें दिन भी सड़कों पर छात्र; विधानसभा घेराव का ऐलान, सरकार पर बढ़ा दबाव

सरकार ने दिए ये विकल्प

Read More थलापति विजय के तलाक पर लगा पूर्ण विराम: पत्नी संगीता ने कोर्ट से वापस ली याचिका, फैमिली कोर्ट ने किया केस बंद

  • वित्तीय लेन-देन की जांच ED से कराने का प्रस्ताव
  • दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की बात
  • हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज की निगरानी में स्वतंत्र जांच समिति गठित करने का प्रस्ताव
  • मामले में समयबद्ध कार्रवाई का आश्वासन

लेकिन छात्र प्रतिनिधियों ने इन विकल्पों को पर्याप्त नहीं माना और CBI जांच की अपनी मांग दोहराई।

JPSC के तीन सदस्यों ने एक साथ दिया इस्तीफा
इसी बीच रविवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया। आयोग के तीन सदस्यों डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने एक साथ अपना इस्तीफा राजभवन भेज दिया। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इन इस्तीफों को मंजूर कर लिया। यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही CID ने इन सदस्यों को पूछताछ के लिए समन भेजा था।

पहले ही पद छोड़ चुके हैं JPSC अध्यक्ष
JPSC के अध्यक्ष एल. खियांग्ते भी इससे पहले 22 जुलाई को अपने पद से हट चुके हैं। अब आयोग के अध्यक्ष और तीन सदस्यों के पद खाली होने के बाद JPSC के शीर्ष प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव आ गया है। ऐसे में आयोग के पुनर्गठन को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

अब छात्रों का 'आर-पार' का ऐलान
तीसरी वार्ता विफल होने के बाद आंदोलनकारी छात्रों ने सोमवार को नई विधानसभा की ओर मार्च करने का ऐलान किया है। मोरहाबादी मैदान और पुरानी विधानसभा परिसर में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जुटे हैं। आंदोलन के मंच पर छह छात्र कई दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर चिकित्सकों की टीम नजर रख रही है। छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।

प्रशासन ने लागू की धारा 163
प्रस्तावित विधानसभा मार्च को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संवेदनशील इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं। प्रशासन ने छात्रों से प्रदर्शन और मार्च से बचने की अपील की है। दूसरी ओर, छात्र अपने आंदोलन को लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाने पर अड़े हुए हैं।

सरकार बोली- बातचीत से निकलेगा समाधान
मुख्यमंत्री की ओर से भी कहा गया है कि छात्रों की समस्याओं का समाधान लाठी या बल प्रयोग से नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए। लेकिन तीसरे दौर की वार्ता विफल होने के बाद अब सरकार और छात्रों के बीच गतिरोध और गहरा गया है। एक तरफ सरकार अपने प्रस्तावों को समाधान की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, तो दूसरी तरफ छात्र CBI जांच और JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने से कम पर तैयार नहीं हैं। अब सबकी नजर सोमवार के प्रस्तावित विधानसभा मार्च और सरकार की अगली रणनीति पर है। आंदोलन का अगला कदम झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे इस विवाद की दिशा तय कर सकता है।

Error on ReusableComponentWidget
Tags:

Latest News

घटारानी में खतरनाक स्टंट पड़ा भारी: 52 फीट ऊंचे झरने से फिसला नशे में धुत युवक, पुलिस की मुस्तैदी से बची जान घटारानी में खतरनाक स्टंट पड़ा भारी: 52 फीट ऊंचे झरने से फिसला नशे में धुत युवक, पुलिस की मुस्तैदी से बची जान
109 साल पुराना हिसाब! 1917 में अंग्रेजों को दिया था 35 हजार का ‘वार लोन’, अब सीहोर के परिवार ने UK से मांगा पैसा
उत्तराखंड में रातभर कांपती रही धरती: उत्तरकाशी में 4.2 और टिहरी में 2.0 तीव्रता के झटके, घरों से बाहर निकले लोग
​रांची में छात्र आंदोलन आर-पार के मोड़ पर! तीसरी वार्ता भी बेनतीजा, JPSC के 3 सदस्यों का इस्तीफा; आज विधानसभा मार्च का ऐलान
Laptop Charging Tips: कार में लैपटॉप चार्ज करते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, कम हो सकती है बैटरी लाइफ
Exercise for Stress Relief: एक्सरसाइज से स्ट्रेस कैसे होता है कम? जानें रोज कितना वर्कआउट करना है फायदेमंद
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम का फैसला: जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा होंगे छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के नए न्यायाधीश
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन पर बहन को क्या दें गिफ्ट? ये उपहार माने जाते हैं शुभ और खास
2549 करोड़ के टेंडर में खेल: मुख्य सचिव की बैठक के बाद गुपचुप जोड़ी गई शर्त, हाईकोर्ट पहुंचा मामला
आम लोगों को पानी जांचने की सुविधा के लिए करना होगा इंतजार, पांच संभागों में लैब का टेंडर अटका
कलाई की घड़ी में अटका बकाये का गणित और टेंडर में मोक्ष की तलाश
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: कर्मचारी की मौत के बाद विभागीय जांच और बर्खास्तगी आदेश अवैध, पत्नी की अनुकंपा नियुक्ति पर 90 दिन में फैसला