सोनम रघुवंशी को नहीं जाना होगा फिर जेल! सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर रोक से किया इनकार, कहा- 'अपराध कितना भी गंभीर क्यों न हो, कानून का पालन जरूरी'

सोनम रघुवंशी को नहीं जाना होगा फिर जेल! सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर रोक से किया इनकार, कहा- 'अपराध कितना भी गंभीर क्यों न हो, कानून का पालन जरूरी'

नई दिल्ली। चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने मेघालय सरकार की उस याचिका पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें मेघालय हाई कोर्ट द्वारा सोनम को दी गई जमानत को चुनौती दी गई है। हालांकि कोर्ट ने मामले पर नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 10 जुलाई तय की है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि किसी भी मामले में अपराध की गंभीरता महत्वपूर्ण होती है, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया और कानून के स्थापित सिद्धांतों का पालन उससे भी अधिक आवश्यक है। इसी आधार पर अदालत ने सोनम की जमानत पर रोक लगाने से इनकार किया है।

मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश को दी चुनौती
दरअसल, मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मेघालय हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें सोनम रघुवंशी को जमानत दिए जाने को सही माना गया था। सोनम रघुवंशी पर आरोप है कि उसने मई 2025 में हनीमून के दौरान अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी। इस मामले ने देशभर में काफी सुर्खियां बटोरी थीं और पुलिस जांच के बाद सोनम को मुख्य आरोपी बनाया गया था।

गलत कानूनी धारा का मिला लाभ
रिकॉर्ड के अनुसार, निचली अदालत और बाद में हाई कोर्ट ने यह माना कि सोनम के अरेस्ट मेमो में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गलत धारा का उल्लेख किया गया था। अदालत ने इसे कानूनी प्रक्रिया में त्रुटि मानते हुए जमानत देने का आधार माना। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा कि अरेस्ट मेमो में गलत धारा दर्ज होना अपने आप में गंभीर मुद्दा नहीं माना जा सकता, लेकिन प्रत्येक मामले का परीक्षण कानून के अनुसार ही किया जाना चाहिए।

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जेल से बाहर आ चुकी हैं सोनम
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के समक्ष यह जानकारी रखी गई कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद सोनम रघुवंशी पहले ही जेल से रिहा हो चुकी हैं और जमानत की शर्तों का पालन करते हुए शिलांग में रह रही हैं। इसके बाद अदालत ने कहा कि किसी आरोपी को जमानत मिलने और उसके जेल से बाहर आने के बाद, बिना अंतिम सुनवाई के केवल अंतरिम आदेश के आधार पर दोबारा जेल भेजना न्यायिक सिद्धांतों के अनुरूप नहीं होगा।

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10 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए सभी पक्षों से जवाब मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी, जहां अदालत जमानत को लेकर उठाए गए कानूनी प्रश्नों पर विस्तार से विचार करेगी। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद सोनम रघुवंशी को मिली जमानत बरकरार रहेगी और अंतिम निर्णय अगली सुनवाई के बाद ही सामने आएगा।

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