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दिल्ली-NCR में हाइब्रिड मोड पर स्कूल… हर तरफ कोहरे की मोटी चादर, दमघोंटू हवा; AQI 500 पार
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे राजधानी के हालात बेहद गंभीर हो गए हैं. शहर की हवा इस समय बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार 500 दर्ज किया जा रहा है. घना धुआं और स्मॉग राजधानी के कई इलाकों में छाया हुआ है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है. सुबह और शाम के समय विजिबिलिटी काफी कम हो गई है, जिससे सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार एकदम धीमी पड़ गई है.
सोमवार सुबह 6 बजे भी दिल्ली का ओवरऑल AQI 456 दर्ज किया गया, जो खतरनाक श्रेणी में आता है. वहीं दिल्ली की हवा और भी ज्यादा खराब है, जिसके अनुसार आज दिल्ली का AQI 610 है. समीर ऐप के मुताबिक आज दिल्ली के चार इलाकों का AQI 500 पहुंच गया है. इनमें वजीरपुर, अशोक विहार, रोहिणी और जहांगीरपुर शामिल हैं, जहां की हवा बेहद खराब हो गई है. दिल्ली के ज्यादातर AQI मॉनिटरिंग स्टेशन आज रेड जोन में हैं, जहां AQI 400 के पार है. वहीं गाजियाबाद में 463, गुरुग्राम में 326, नोएडा में 463 और ग्रेटर नोएडा में 451 है.
प्रदूषण के कारण लोगों की आंखों में जलन, खांसी और सांस फूलने जैसी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. ऐसे में शनिवार शाम से दिल्ली में ग्रैप-4 के कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं. दिल्ली सरकार ने स्कूलों को लेकर अहम फैसला लिया है. ग्रैप स्टेज-4 लागू होने के बाद कक्षा 9 तक और 11वीं के छात्रों की पढ़़ाई अब हाइब्रिड मोड कराई जाएगी. यानी जहां मुमकिन हो पाएगा, वहां बच्चे स्कूल आकर पढ़ सकेंगे और साथ ही ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प भी खुला रहेगा.
इसके साथ ही सरकार ने निर्णय लिया है कि सभी सरकारी और प्राइवेट ऑफिस 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ चलेंगे, बाकी कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से वर्क फ्रॉम होम करना होगा. डॉक्टर सलाह दे रहे हैं कि गर्भवती महिलाएं बुजुर्ग और बच्चे मॉर्निंग वॉक से बचें. हो सके तो घर से ज्यादा ना निकले और मास्क का इस्तेमाल करें.
(GRAP) के चरण-4 के तहत कड़े प्रतिबंध लागू
वायु प्रदूषण के गंभीर स्तर पर पहुंचने के बाद ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-4 के तहत कड़े प्रतिबंध लागू किए हैं. इस चरण में आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं को छोड़कर दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. हालांकि, सीएनजी, एलएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 डीजल ट्रकों को राजधानी में एंट्री के लिए इजाजत दी गई है. इसके अलावा, दिल्ली में पंजीकृत डीजल भारी मालवाहक वाहन (बीएस-4 और उससे नीचे) सड़कों पर नहीं चल सकेंगे. सिर्फ जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही इस प्रतिबंध से छूट दी गई है.
निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्य पूरी तरह बंद
ग्रैप-4 के तहत सभी प्रकार के निर्माण और तोड़-फोड़ कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसमें राजमार्ग, सड़क, फ्लाईओवर, बिजली पारेषण लाइन, पाइपलाइन और दूरसंचार जैसी रैखिक सार्वजनिक परियोजनाएं भी शामिल हैं, जिन्हें निचले चरणों में अनुमति दी जाती थी.
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
