मंदिर या प्रोटोकॉल ज़ोन? VIP कल्चर पर भड़का पुजारी महासंघ, पीएम मोदी को लिखा पत्र

उज्जैन। देशभर के प्रमुख देवालयों में बढ़ते वीआईपी कल्चर और इसके चलते पुजारियों व आम श्रद्धालुओं के साथ हो रहे कथित दुर्व्यवहार को लेकर अब विवाद गहरा गया है। अखिल भारतीय पुजारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखते हुए मंदिरों में विशेष प्रोटोकॉल आधारित वीआईपी प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

महेश शर्मा ने अपने पत्र में कहा है कि उज्जैन के महाकाल मंदिर से लेकर वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर तक, सुरक्षा और वीआईपी मूवमेंट के नाम पर नित्य पूजा-अर्चना करने वाले पुजारियों और पुरोहितों को उनके ही गर्भगृह, पूजा कक्ष और निजी स्थानों से बाहर किया जा रहा है। इससे न केवल धार्मिक परंपराएं बाधित हो रही हैं, बल्कि सनातन संस्कृति की मर्यादा पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है।

उन्होंने हाल ही में वृंदावन में मुख्यमंत्री और भाजपा अध्यक्ष के दौरे का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान पुजारियों के परिवारों, महिलाओं और सेवायतों के साथ पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार किया गया। इस घटना को लेकर पुजारी महासंघ ने तीखी आपत्ति जताई है।Temple-VIP-Culture-Letter-1024x536

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पुजारी महासंघ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी सवाल किया है कि यदि भविष्य में सत्ता परिवर्तन के बाद कोई अन्य मुख्यमंत्री गोरखनाथ पीठ में दर्शन करने पहुंचे और सुरक्षा का हवाला देकर योगी जी या वहां के संतों को मठ से बाहर कर दिया जाए, तो क्या इसे स्वीकार किया जाएगा? महासंघ का कहना है कि यदि यह स्थिति अस्वीकार्य है, तो बांके बिहारी मंदिर में पुजारियों के साथ हुआ व्यवहार भी पूरी तरह गलत है।

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ये हैं प्रमुख मांगें
पुजारी महासंघ ने केंद्र सरकार से मांग की है कि जब तक कोई व्यक्ति राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर आसीन है, तब तक वह पद के विशेष प्रोटोकॉल के साथ मंदिर दर्शन न करे। यदि दर्शन करना हो, तो सामान्य श्रद्धालु की तरह कतार में लगकर और मंदिर की परंपराओं का पालन करते हुए दर्शन करे। महासंघ का तर्क है कि इससे मंदिरों की पूजा-पद्धति, धार्मिक अनुशासन और पुजारियों का सम्मान सुरक्षित रह सकेगा।

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

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