मध्य प्रदेश: बसंत पंचमी पर भोजशाला में साथ-साथ पूजा और नमाज, सुप्रीम कोर्ट ने तय किया समय

नई दिल्ली। बसंत पंचमी के अवसर पर मध्य प्रदेश के धार जिले स्थित ऐतिहासिक और विवादित भोजशाला परिसर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने वसंत पंचमी के दिन हिंदू समाज को सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां सरस्वती की पूजा-अर्चना करने की अनुमति दे दी है।

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम समुदाय को भी शुक्रवार की नमाज अदा करने की इजाजत दी है। अदालत के आदेश के अनुसार, मुसलमान दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक भोजशाला परिसर में नमाज पढ़ सकेंगे। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि दोनों धार्मिक गतिविधियां तय समय सीमा के भीतर शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों।

सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट का यह फैसला धार्मिक संतुलन और सौहार्द बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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गौरतलब है कि भोजशाला परिसर को लेकर लंबे समय से कानूनी और धार्मिक विवाद चला आ रहा है। वसंत पंचमी पर मां वाग्देवी की पूजा को लेकर हर वर्ष विशेष आयोजन होता है, जिसके चलते सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क रहता है।

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मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

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