Hormuz Strait Incident: 8 दिन बाद वतन लौटा शिवानंद, ताबूत देखते ही फूट पड़ा परिवार का दर्द, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में आज का दिन बेहद भावुक और दर्दभरा रहा। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में हुए हादसे में जान गंवाने वाले युवक शिवानंद चौरसिया का पार्थिव शरीर आठ दिनों के लंबे इंतजार के बाद उनके पैतृक गांव पहुंचा। जैसे ही एम्बुलेंस गांव में दाखिल हुई, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
बीते आठ दिनों से परिवार अपने बेटे के लौटने की राह देख रहा था। हर दिन उम्मीद और चिंता के बीच गुजर रहा था। लेकिन जब तिरंगे और कफन में लिपटा शिवानंद अपने घर पहुंचा, तो माता-पिता, पत्नी और परिजनों का दर्द आंसुओं के रूप में फूट पड़ा। घर का माहौल गमगीन हो गया और वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो उठीं।
हॉर्मुज क्षेत्र में हुए समुद्री हादसे के बाद शव को भारत लाने की प्रक्रिया में कई औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ीं। प्रशासनिक और कूटनीतिक प्रयासों के बाद आखिरकार शिवानंद का पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंच सका। इस दौरान परिवार लगातार अपने बेटे की अंतिम झलक पाने का इंतजार करता रहा था।
शिवानंद के गांव पहुंचते ही अंतिम दर्शन के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। ग्रामीणों, मित्रों और शुभचिंतकों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी। हर किसी की जुबान पर एक ही बात थी कि एक मेहनती और होनहार युवक असमय इस दुनिया को छोड़ गया।
स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने भी परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ की गईं, जहां पूरा गांव अपने प्रिय बेटे को अंतिम विदाई देने के लिए एकत्र हुआ। आठ दिनों के इंतजार के बाद शिवानंद अपने घर तो लौटे, लेकिन इस बार उनकी वापसी ने पूरे गांव को गहरे दुख और शोक में डुबो दिया।
