नीले ड्रम हत्याकांड में बड़ा फैसला: मुस्कान-साहिल को फांसी, कोर्ट ने महाभारत का दिया हवाला
मेरठ : देशभर में सुर्खियां बटोरने वाले मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। पति सौरभ राजपूत की हत्या कर शव को नीले ड्रम में छिपाने के मामले में दोनों को दोषी ठहराए जाने के बाद आज सजा का ऐलान किया गया। जिला जेल से दोनों आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों पर जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में 30 सितंबर को जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया था। सजा पर सुनवाई के लिए 14 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की गई थी। फैसले के बाद इस बहुचर्चित हत्याकांड में पीड़ित परिवार की लंबी कानूनी लड़ाई एक अहम पड़ाव पर पहुंच गई है।
महाभारत का संदर्भ देकर अदालत ने सुनाई सजा
सुनवाई के दौरान अदालत ने अपराध की गंभीरता का उल्लेख करते हुए कहा कि अपराध के अनुरूप सजा मिलनी चाहिए। फैसले में महाभारत का संदर्भ देते हुए अपराधी को उसके कृत्य के लिए दंडित करने को धर्म से जोड़कर देखा गया। अदालत ने दोनों को जघन्य अपराध का दोषी मानते हुए मृत्युदंड सुनाया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक आरोपी पर 50 हजार रुपये और दूसरे पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
13 महीने चली सुनवाई, 126 तारीखों पर हुई बहस
सौरभ राजपूत हत्याकांड का ट्रायल जुलाई 2025 में शुरू हुआ था। मामले की सुनवाई के दौरान करीब 13 महीने तक कानूनी प्रक्रिया चली। इस दौरान 126 तारीखों पर सुनवाई हुई और 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष ने मामले से जुड़े साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोप साबित करने की कोशिश की, जिसके बाद अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया और सजा सुनाई।
भाई की हत्या के लिए मांगी थी फांसी
सौरभ राजपूत के परिवार ने अदालत से मुस्कान और साहिल को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की थी। सौरभ के भाई राहुल ने कहा था कि परिवार को शुरू से न्याय मिलने की उम्मीद थी। उनकी मांग थी कि जिस तरह उनके भाई की हत्या की गई, उसके लिए आरोपियों को मृत्युदंड दिया जाए। फैसले के साथ परिवार की इस मांग पर अदालत ने अपना निर्णय सुना दिया है। हालांकि, मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया का रास्ता कानून के मुताबिक खुला रहेगा।
नीले ड्रम में मिला था सौरभ का शव

यह मामला उस समय देशभर में चर्चा में आया, जब सौरभ राजपूत का शव उसके ही घर में नीले ड्रम के भीतर मिला था। आरोप था कि उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल ने मिलकर उसकी हत्या की और शव को ड्रम में छिपा दिया। पुलिस ने 19 मार्च 2025 को दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। शव को छिपाने के तरीके और मामले से जुड़े आरोपों के कारण यह हत्याकांड लंबे समय तक सुर्खियों में बना रहा।
अब अदालत के मृत्युदंड के फैसले के बाद मामले ने एक नया मोड़ लिया है। हालांकि, फांसी की सजा पर अंतिम अमल अपील और अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही हो सकता है।
