शिक्षिका की ज्वाइनिंग में अड़ंगा, हाईकोर्ट ने रायपुर डीईओ को किया तलब
बिलासपुर, 1 जुलाई। युक्तियुक्तकरण नीति के तहत एक स्कूल से रिलीव होने के बाद भी दूसरे स्कूल में ज्वाइनिंग न मिलने से परेशान शिक्षिका की याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को आज सुबह 10 बजे व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होकर जवाब देने का आदेश दिया है। यह मामला एक शिक्षिका की पीड़ा से जुड़ा है, जिसे नियमों के तहत स्थानांतरण के बाद भी कार्यभार ग्रहण करने नहीं दिया जा रहा।
पूरा मामला शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पोड़ अभनपुर में भौतिक विषय की व्याख्याता कुमकुम झा से संबंधित है। वह साल 2010 से इस पद पर कार्यरत थीं। शासन की युक्तियुक्तकरण नीति के तहत उनका नाम अतिशेष शिक्षकों की सूची में आ गया। इसके बाद 28 अप्रैल को हुई काउंसलिंग में कुमकुम झा ने वरिष्ठता क्रम के आधार पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला मठपारा धरसींवा जाने की सहमति दी। इसी आधार पर उन्हें पोड़ स्कूल से रिलीव भी कर दिया गया।
लेकिन, जब कुमकुम झा मठपारा स्कूल में कार्यभार ग्रहण करने पहुंचीं, तो वहां के प्राचार्य ने यह कहते हुए उन्हें ज्वाइनिंग देने से मना कर दिया कि उनके स्कूल में पहले से ही भौतिक विषय के व्याख्याता मौजूद हैं। इस स्थिति से उन्होंने तत्काल काउंसलिंग करने वाले अधिकारियों को अवगत कराया। अधिकारियों ने उन्हें जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय भेज दिया।
कुमकुम झा का आरोप है कि 6 जून से वह लगातार जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन उनके आवेदन पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इससे परेशान होकर उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए डीईओ रायपुर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया है। अब देखना होगा कि मंगलवार को डीईओ कोर्ट में क्या जवाब देते हैं और शिक्षिका को कब तक न्याय मिल पाता है।
