नेपाल में सख्ती से सीमा पर तनाव: PM बालेन शाह के नए आदेशों से कस्टम ड्यूटी और भारतीय वाहनों पर बढ़ा विवाद
नई दिल्ली: नेपाल के प्रधानमंत्री Balen Shah के हालिया निर्देशों ने भारत-नेपाल सीमा पर नए विवाद को जन्म दे दिया है। सरकार ने सीमा शुल्क चौकियों पर निगरानी बढ़ाते हुए 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर अनिवार्य कस्टम ड्यूटी वसूली का आदेश दिया है। इस फैसले का सीधा असर सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर पड़ा है, जो रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारतीय बाजारों पर निर्भर रहते हैं।
नेपाल सरकार का तर्क है कि भारतीय बाजारों से सस्ती खरीदारी के कारण स्थानीय व्यापारियों को नुकसान हो रहा था और राजस्व में भी गिरावट आ रही थी। लेकिन इस सख्ती से भारत-नेपाल सीमा से जुड़े व्यापारिक और सामाजिक संबंधों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। खासतौर पर सीमावर्ती भारतीय बाजारों में कारोबारियों के बीच चिंता का माहौल बन गया है।
इसी के साथ मधेश प्रांत में भारतीय नंबर प्लेट वाली गाड़ियों की आवाजाही पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि बिना वैध अनुमति के इन वाहनों का लंबे समय तक उपयोग किया जा रहा था, जो कानून के खिलाफ है। हालांकि इस फैसले ने नेपाल की आंतरिक राजनीति में हलचल मचा दी है और इसे लेकर कई दलों ने खुलकर विरोध जताया है।
नेपाल की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने संयुक्त बयान जारी कर इन नियमों को व्यावहारिक नहीं बताते हुए विरोध किया है। उनका कहना है कि इस तरह की सख्ती से दोनों देशों के बीच दशकों पुराने सामाजिक और आर्थिक रिश्तों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने मांग की है कि भारतीय वाहनों को पहले की तरह सीमावर्ती 30 किलोमीटर क्षेत्र में आवाजाही की अनुमति दी जाए।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम केवल कानूनों के सख्त अनुपालन के लिए उठाया गया है और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से लागू किया गया है। हालांकि जमीनी स्तर पर इसके प्रभाव को लेकर असंतोष बढ़ता दिख रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा भारत-नेपाल संबंधों और नेपाल की घरेलू राजनीति दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
