Queen 2 Controversy: रिलीज से पहले कानूनी पचड़े में फंसी कंगना रनौत की 'क्वीन 2', फैंटम स्टूडियोज ने 250 करोड़ के हर्जाने के साथ की रिलीज रोकने की मांग
मुंबई। अभिनेत्री कंगना रनौत की चर्चित फिल्म 'क्वीन 2' रिलीज से पहले ही बड़े कानूनी विवाद में घिर गई है। साल 2014 में आई सुपरहिट फिल्म 'क्वीन' के निर्माण से जुड़ी कंपनी फैंटम स्टूडियोज ने जियोस्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कंपनी का आरोप है कि नई फिल्म के निर्माण में पुराने अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं किया गया। इसी आधार पर फैंटम स्टूडियोज ने फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगाने के साथ-साथ 250 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग भी की है। इस मामले ने फिल्म इंडस्ट्री में बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) और सीक्वल अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अगर अदालत इस मामले में कोई अंतरिम आदेश जारी करती है, तो इसका असर फिल्म की रिलीज और उससे जुड़े व्यावसायिक समझौतों पर भी पड़ सकता है।
क्या है पूरा विवाद?
याचिका के अनुसार, वर्ष 2014 में 'क्वीन' के निर्माण के दौरान दोनों पक्षों के बीच एक विस्तृत व्यावसायिक समझौता हुआ था। फैंटम स्टूडियोज का दावा है कि उस समझौते में स्पष्ट रूप से यह तय किया गया था कि भविष्य में फिल्म का सीक्वल, प्रीक्वल, स्पिन-ऑफ या उससे जुड़ा कोई अन्य प्रोजेक्ट बनाया जाता है, तो उसके सभी अधिकार दोनों पक्षों के बीच समान रूप से साझा किए जाएंगे। कंपनी का आरोप है कि 'क्वीन 2' को विकसित करने और आगे बढ़ाने से पहले उनकी सहमति नहीं ली गई और न ही उन्हें परियोजना में शामिल किया गया। फैंटम का कहना है कि यह कदम दोनों पक्षों के बीच हुए अनुबंध का सीधा उल्लंघन है।/filters:format(webp)/movietalkies/media/media_files/2026/07/07/queen-2-fanmade-poster-2026-07-07-15-41-09.jpeg)
बॉम्बे हाई कोर्ट से क्या मांग की गई?
फैंटम स्टूडियोज ने अदालत से मांग की है कि अंतिम निर्णय आने तक 'क्वीन 2' की रिलीज पर रोक लगाई जाए, ताकि कथित अधिकारों का उल्लंघन आगे न बढ़े। इसके अलावा कंपनी ने 250 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग करते हुए दावा किया है कि अनुबंध के उल्लंघन से उसे भारी आर्थिक और व्यावसायिक नुकसान हुआ है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि कंपनी मई 2025 से लगातार जियोस्टार इंडिया से इस मुद्दे पर संपर्क करने की कोशिश कर रही थी। फैंटम का आरोप है कि कई बार बातचीत की पहल करने के बावजूद उनकी आपत्तियों पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, जिसके बाद अदालत की शरण लेना आवश्यक हो गया।
जियोस्टार ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
मामला अदालत में पहुंचने के बाद जियोस्टार इंडिया ने भी अपना पक्ष रखा है। कंपनी का कहना है कि 'क्वीन 2' को वर्ष 2014 की फिल्म 'क्वीन' का आधिकारिक सीक्वल नहीं माना जा सकता, क्योंकि इसकी कहानी, किरदार, घटनाक्रम और रचनात्मक प्रस्तुति पूरी तरह अलग है। जियोस्टार का तर्क है कि केवल फिल्म के शीर्षक में 'Queen' शब्द होने से कोई फिल्म सीक्वल नहीं बन जाती। कंपनी का कहना है कि 'Queen' अंग्रेजी भाषा का एक सामान्य शब्द है, जिस पर किसी एक संस्था का विशेष या अनन्य अधिकार नहीं हो सकता। इसलिए फैंटम स्टूडियोज के दावों का कोई कानूनी आधार नहीं है। अब अदालत को यह तय करना होगा कि नई फिल्म वास्तव में 2014 की 'क्वीन' का विस्तार है या पूरी तरह स्वतंत्र रचना।
2014 में 'क्वीन' ने बदली थी कंगना के करियर की दिशा
साल 2014 में रिलीज हुई 'क्वीन' कंगना रनौत के करियर की सबसे सफल फिल्मों में गिनी जाती है। फिल्म का निर्देशन विकास बहल ने किया था, जबकि इसकी कहानी अन्विता दत्त ने लिखी थी। फिल्म में कंगना रनौत के अलावा लिसा हेडन और राजकुमार राव ने भी अहम भूमिकाएं निभाई थीं। करीब 20 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में लगभग 95 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। समीक्षकों और दर्शकों दोनों ने फिल्म की सराहना की थी। फिल्म को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का सम्मान मिला, जबकि कंगना रनौत को अपने शानदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था।
अब कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं निगाहें
फिलहाल, 'क्वीन 2' की स्टारकास्ट, शूटिंग और रिलीज डेट को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, 250 करोड़ रुपये के इस कानूनी विवाद ने फिल्म को रिलीज से पहले ही चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब फिल्म की रिलीज का भविष्य काफी हद तक बॉम्बे हाई कोर्ट के अगले आदेश पर निर्भर करेगा। अदालत अंतरिम राहत देती है, तो फिल्म की रिलीज प्रभावित हो सकती है। वहीं अदालत जियोस्टार के पक्ष को स्वीकार करती है, तो फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ हो सकता है। ऐसे में मनोरंजन जगत की नजरें अब इस हाई-प्रोफाइल कानूनी मामले पर टिकी हुई हैं।
