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करोड़ों की संपत्ति के लिए सगे भाई ने दी रिटायर्ड लेखापाल की सुपारी मुंगेली पुलिस ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी
मुंगेली जिले में एक दिल दहला देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां सगे भाई ने ही अपने रिटायर्ड लेखापाल भाई की करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लिए खौफनाक साजिश रची और उसकी हत्या की सुपारी दे दी। मुंगेली पुलिस ने त्रिनयन एप और सीसीटीवी फुटेज की मदद से इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। इस मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड भाई सहित ग्यारह आरोपियों और चार नाबालिगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने यह बड़ी सफलता हासिल की है।
मृतक दामोदर राजपूत बासठ वर्ष शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त लेखापाल थे। उनकी संपत्ति पर उनके सगे भाइयों और रिश्तेदारों की बुरी नजर थी। मृतक दामोदर और उनके बेटे संजय के बीच आपसी विवाद चल रहा था और दोनों के बीच लंबे समय से बातचीत बंद थी। इसी पारिवारिक कलह का फायदा उठाकर छोटे भाई रणजीत राजपूत और अन्य रिश्तेदारों ने दामोदर को भड़काना शुरू किया कि उसे अपने ही बेटे से जान का खतरा है। साजिशकर्ताओं ने एक फर्जी नोटरी भी तैयार करवाई जिसमें यह लिखा गया था कि दामोदर अपनी पूरी संपत्ति भाइयों और भतीजों को बेच रहे हैं और जीवित या मृत होने पर बेटे से उनका कोई वास्ता नहीं रहेगा।
लालच में अंधे होकर भाई रणजीत सिंह ने अपने साले पालेश्वर सिंह और चचेरे भाई रामपाल के साथ मिलकर दामोदर को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की साजिश रची। उन्होंने झाफल निवासी संजय यादव को दस लाख रुपये और पचास डिसमिल जमीन की सुपारी दी। इक्कीस मार्च को जब दामोदर मनोहरपुर से गुजर रहे थे तब पूर्व योजना के अनुसार संजय यादव और उसके साथियों ने उन्हें सुनसान रास्ते पर रोक लिया। आरोपियों ने दामोदर के गले में गमछा कसकर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी।
हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों ने एक हुंडई ईओन कार का इस्तेमाल किया। जब कार रास्ते में खराब हो गई तो कार मालिक देवराज साहू से एक अन्य वाहन टाटा स्पेसियो मंगवाया गया। आरोपियों ने शव को स्पेसियो में शिफ्ट किया और कवर्धा जिले के पंडरिया थाना क्षेत्र के देवसरा गांव के जंगल में ले जाकर एक नदी के पास गड्ढे में रेत में दफना दिया। पुलिस को गुमराह करने के लिए कातिलों ने एक और शातिर चाल चली। उन्होंने मृतक का मोबाइल फोन अपने नाबालिग साथियों के जरिए प्रयागराज भिजवा दिया और उसे गंगा नदी में फिंकवा दिया ताकि लोगों को यह लगे कि दामोदर अपना घर छोड़कर सन्यासी बन गए हैं।
पुलिस की जांच तब तेज हुई जब मृतक की पत्नी तुलसी बाई ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई और अपने जेठ देवर और अन्य रिश्तेदारों पर संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया। साइबर सेल और थाना पुलिस की टीमों ने शहर के चप्पे चप्पे के सीसीटीवी कैमरे खंगाले। त्रिनयन एप के माध्यम से संदिग्ध ईओन कार का रूट चार्ट तैयार किया गया जो मृतक की मोटरसाइकिल के पीछे पीछे चलती दिखी थी। कार मालिक से कड़ी पूछताछ के बाद इस पूरे हत्याकांड की परत दर परत खुलती गई।
पुलिस ने इस हत्याकांड में मास्टरमाइंड सगे भाई रणजीत सिंह राजपूत चचेरे भाई रामपाल सिंह भतीजे पराग और हेमंत राजपूत भांजे अजय राजपूत और सुपारी किलर संजय यादव सहित कुल ग्यारह मुख्य आरोपियों और चार विधि से संघर्षरत बालकों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस ने सुपारी की रकम में से छानबे हजार रुपये नकद घटना में इस्तेमाल की गई ईओन कार स्पेसियो कार एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी जब्त की है। लालपुर थाना पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अपहरण हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
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मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
