3200 करोड़ के शराब घोटाले मे आया नया ट्विस्ट, आबकारी अफसरों की मोटी रकम डूबी, गिरफ्तारी लगभग तय!

3200 करोड़ के शराब घोटाले मे आया नया ट्विस्ट, आबकारी अफसरों की मोटी रकम डूबी, गिरफ्तारी लगभग तय!

रायपुर: छत्तीसगढ़ में 3200 करोड़ के शराब घोटाले का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर आ गया है। इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में जमकर तूफान मचा दिया है। एक ओर जहाँ कांग्रेस इस घोटाले को काल्पनिक बताकर पूर्व मुख्यमंत्री बघेल का बचाव कर रही है वहीं दूसरी ओर वाणिज्य कर और आबकारी विभाग से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। इस घोटाले में लिप्त कई आबकारी अधिकारियों की करोड़ों की रकम पानी में डूब गई है और अब उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।

दरअसल पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा समेत कई कारोबारी और अधिकारी पहले से ही जेल में हैं। अब बताया जा रहा है कि ACB-EOW द्वारा अदालत में चालान पेश होने से पहले ही दागी अधिकारियों ने अपनी काली करतूतें छिपाने के लिए करोड़ों रुपये की चंदा वसूली की थी। यह रकम मीडिया मैनेजमेंट और कुछ प्रभावशाली राजनेताओं के दरबारियों को "मुँह बंद" रखने के लिए खर्च की गई थी।

सूत्रों के मुताबिक एक प्रभावशाली अधिकारी के नेतृत्व में आबकारी विभाग के दागी अफसरों ने अपनी करतूतें छिपाने के लिए 10 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाई थी। इस रकम को विभिन्न ठिकानों पर पानी की तरह बहाया गया था। इसमें कई प्रभावशाली राजनेताओं के दरबारियों और मीडिया मैनेजमेंट के नाम पर विभिन्न अखबारों के दफ्तरों मीडिया चैनलों और कुछ चुनिंदा पत्रकारों के ठिकानों पर "नजराना" पैक लिफाफे भेजने की बात भी सामने आ रही है।

Read More भूपेश बघेल पर वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश चंद्र गुप्ता का प्रहार: 'मुंगेरीलाल की तरह सपने देखना छोड़ दें, सत्ता अब नहीं मिलेगी'

दागी आबकारी अधिकारियों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे चालान पेश होते ही अपनी जमानत और अग्रिम जमानत के लिए जोर शोर से जुट गए थे। कई ने तो नामी गिरामी वकीलों और लॉ चैंबरों की शरण भी ले ली थी। यहाँ तक कि वे अदालत परिसर में भी अपना पसीना बहाते देखे जा रहे थे लेकिन प्रेस मीडिया के जमावड़े को देखकर वे मौके से नौ दो ग्यारह हो गए थे।

Read More 50 से अधिक चाकूबाजों और नशे के कारोबारियों के ठिकानों पर पुलिस की दबिश, आद्यतन अपराधियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई

ACB-EOW ने जहाँ अपनी पूरी ताकत इस घोटाले की तह तक जाने में झोंकी थी वहीं दागी अधिकारियों ने भी खुद के बचाव के लिए पुख्ता रणनीति बनाई थी। वे चालान पेश होने की पूर्व संध्या पर यहाँ वहाँ हाथ पाँव मारते नज़र आ रहे थे। सूत्र बताते हैं कि बिना गिरफ्तारी चालान पेश होने की खबर किसी को कानों कान न हो सके इसके लिए चौतरफा मीडिया मैनेजमेंट भी दागी अफसरों द्वारा किया गया था। लेकिन अदालत परिसर में देखते ही देखते फिजा बदल गई।

ACB-EOW के चालान पेश करने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। अभियोजन का पक्ष सुनने के बाद विशेष अदालत ने आरोपी आबकारी अधिकारियों के खिलाफ नोटिस जारी कर कानूनी प्रक्रिया को साफ कर दिया है। जानकारी के मुताबिक इस नोटिस में तमाम आरोपी अधिकारियों को 20 जुलाई को अदालत में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए निर्देशित किया गया है। कानून के जानकार अंदेशा जाहिर कर रहे हैं कि तमाम दागी अधिकारियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है उनके बच निकलने के रास्ते पूरी तरह से खत्म हो चुके हैं।

यह भी बताया जा रहा है कि शराब घोटाले में प्रमोटी IAS अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर को जिन गंभीर धाराओं के तहत नामजद आरोपी बनाया गया था उन्हीं धाराओं में आबकारी अधिकारियों के खिलाफ भी अपराध पंजीबद्ध किया गया है। एजेंसियों ने उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ACB-EOW ने अपनी करीब 23 हज़ार पन्नों की चार्जशीट में 3200 करोड़ के शराब घोटाले की पूरी दास्तान दर्ज की है। पहले यह घोटाला लगभग 2200 करोड़ का आंका गया था लेकिन एजेंसियों को ऐसे सबूत हासिल हुए हैं जिससे पता पड़ता है कि घोटाले की रकम सालाना हजारों करोड़ का ग्राफ छू रही थी। चार्जशीट में दागी आबकारी अधिकारियों की काली करतूतों का हवाला भी दिया गया है।

कानून के जानकारों के मुताबिक BNC एक्ट की धारा 91 के तहत प्रवर्तन निदेशालय ED ने अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर को फैसिलिटेटर बताया था उसी तर्ज पर गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने के मामले में आबकारी अधिकारियों को घोटाले का "क्रियान्वयन अधिकारी" माना गया है। ये अधिकारी सब कुछ जानते समझते हुए सरकारी सेवक होने के बावजूद आम जनता को नकली और गैरकानूनी शराब परोस रहे थे। ऐसी स्थिति में सरकारी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। कानून के जानकारों का दावा है कि दागी आबकारी अधिकारियों का भी जेल जाना सुनिश्चित है।

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शराब घोटाले ने नई ऊँचाइयाँ तय की थीं। आबकारी अमला स्वयं गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त पाया गया था। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के भूतपूर्व मुख्यमंत्री के कार्यकाल में अवैध शराब के कारोबार ने अपनी जड़ें जमा ली थीं। कांग्रेस सरकार के बैनर तले प्रदेश की आम जनता को नकली और घटिया शराब पिलाई जा रही थी। सरकार के कर्णधारों ने इसे अपनी निजी कमाई का जरिया बना लिया था। मुख्यमंत्री से लेकर संतरी तक शराब के गैरकानूनी कारोबार को लोक कल्याण मानकर पूरी शिद्दत के साथ अंजाम दे रहे थे। इसके लिए सरकारी संसाधनों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग भी किया जा रहा था।

शराब घोटाले की जद में आए ज्यादातर आबकारी अधिकारियों की धन दौलत अकूत बताई जाती है। बताया जाता है कि दागी अधिकारियों ने रियल एस्टेट और अन्य कारोबार में निवेश करने में खासी दिलचस्पी दिखाई है। यह भी बताया जाता है कि सरकारी तिजोरी को हुए नुकसान की भरपाई के लिए एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। सूत्र तस्दीक करते हैं कि ऐसे अफसरों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामलों को लेकर भी विचार विमर्श शुरू हो गया है। फिलहाल दागी आबकारी अधिकारियों की चहल कदमी प्रभावशाली राजनेताओं के दरबारों से लेकर कई प्रेस मीडिया कर्मियों के ठिकानों पर नज़र आ रही है इसके साथ ही उपहार में दी गई नकदी की पुनर्वापसी की चर्चाएँ ज़ोरों पर हैं।

Error on ReusableComponentWidget
Tags:

Latest News

मीना खलखो हत्याकांड: दो जवानों की रिहाई बरकरार, हाई कोर्ट ने राज्य की अपील की खारिज मीना खलखो हत्याकांड: दो जवानों की रिहाई बरकरार, हाई कोर्ट ने राज्य की अपील की खारिज
बाल सुधार गृह में रेप आरोपी की संदिग्ध मौत, फांसी के फंदे पर मिली लाश, एक महीने पहले चौकीदार की हुई थी हत्या
नमक की बोरियों के नीचे छिपा था ‘काला कारोबार’! सुकमा में 308 किलो गांजा जब्त, राजस्थान के दो युवक गिरफ्तार
हिमाचल में बारिश का रौद्र रूप: पहाड़ टूटकर पटरी पर गिरा, कालका-शिमला ट्रेन थमी; हाईवे भी मलबे में घिरा
रायपुर में रेलवे ट्रैक पर 19 साल के युवक की लाश, शरीर पर चोटों ने बढ़ाया शक; हत्या के एंगल से जांच तेज
हाई कोर्ट के आदेशों की अनदेखी पर सूरजपुर जिला पंचायत सीईओ को नोटिस, अवमानना कार्रवाई की चेतावनी
बिलासपुर में मॉडल थाना बनाने की पहल, एसएसपी ने लिया सिविल लाइन थाना को गोद
Royal Challenge से McDowell’s तक बदल सकता है स्वाद! Diageo ने बदला फॉर्मूला, फ्लेवरिंग नियमों के बाद पूरे भारत में होगी नई व्यवस्था
जंतर-मंतर प्रदर्शन में Face Recognition पर दिल्ली पुलिस का सुप्रीम कोर्ट में जवाब, बोली- ‘शांतिपूर्ण छात्रों को निशाना नहीं बनाया’
15 दिन पहले जिसका किया अंतिम संस्कार, वही युवक अचानक लौटा घर! जिंदा देख परिवार के उड़े होश, जांच में जुटी पुलिस
सरगुजा में खौफनाक वारदात: माता-पिता की हत्या का आरोप, शव बोरी में भरकर ठिकाने लगाने की कोशिश; दूसरा बेटा पहुंचा तो भागा आरोपी
Axis Bank में अंदरूनी गड़बड़ी का आरोप: ग्राहक का मोबाइल नंबर बदला, FD की रकम पहुंची दूसरे खाते में, 15 लाख की हेराफेरी पर FIR