132 मोबाइल चोरी का इंटरनेशनल कनेक्शन, झारखंड से माल्दा और फिर बांग्लादेश पहुंची खेप, 5 आरोपी गिरफ्तार
जशपुर : कुनकुरी के तपकरा रोड की इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान से एक साथ 132 महंगे स्मार्टफोन चोरी होने का मामला महज शटर काटकर की गई चोरी नहीं था। पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, इस वारदात के तार झारखंड और पश्चिम बंगाल से होते हुए बांग्लादेश सीमा तक जा पहुंचे। पुलिस ने अंतरराज्यीय मोबाइल चोरी और तस्करी के इस नेटवर्क के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पूछताछ में सामने आया है कि चोरी किए गए मोबाइलों की बड़ी खेप करीब 17 लाख रुपए में खपाई गई और बाद में तस्करी के जरिए बांग्लादेश भेज दी गई।
वारदात 11 अगस्त की देर रात कुनकुरी के तपकरा रोड स्थित मोबाइल दुकान में हुई थी। रोज की तरह दुकान बंद कर संचालक पंकज कुमार पारिक घर चले गए थे। अगले दिन सुबह पड़ोसी सूर्योदय बैंक के कर्मचारी रितेश की नजर दुकान के आधे खुले शटर पर पड़ी। उसने तत्काल व्यापारी को सूचना दी। व्यापारी दुकान पहुंचा तो नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। शटर और ताले काटे जा चुके थे। जमीन पर कटर और दूसरे औजार पड़े थे। शोरूम के भीतर मोबाइलों के खाली डिब्बे बिखरे थे, जबकि करीब 132 नए स्मार्टफोन गायब थे। 12 अगस्त को कुनकुरी थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम बनाई। शुरुआत में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी—चोर कौन थे और चोरी का माल आखिर गया कहां?
एक मोबाइल नंबर ने बदल दी पूरी जांच
साइबर सेल ने घटनास्थल के आसपास की टावर डंप लोकेशन खंगालनी शुरू की। इसी दौरान पुलिस के हाथ एक संदिग्ध मोबाइल नंबर लगा। जांच में सामने आया कि यह नंबर वारदात से ठीक पहले 8 और 9 अगस्त को इलाके में लगातार सक्रिय था। लेकिन सिर्फ नंबर से मामला सुलझना मुश्किल था। तभी जांच को दूसरी अहम कड़ी मिली। पुलिस को पता चला कि पास के अन्नपूर्णा होटल में वारदात से पहले दो संदिग्ध खाना खाने रुके थे। होटल संचालक से मिली जानकारी और सीसीटीवी फुटेज को जब संदिग्ध मोबाइल नंबर से जोड़ा गया तो पुलिस को वह सुराग मिल गया, जिसका उन्हें इंतजार था।
कुनकुरी से साहेबगंज तक पहुंची टीम
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम झारखंड के साहेबगंज जिले के राजमहल पहुंची और वहां से तौसिफ राजा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपने साथी कबीर शेख के साथ मिलकर दुकान में चोरी करने की बात स्वीकार की। इसके बाद जांच ने एक के बाद एक कई शहरों का रास्ता पकड़ लिया। तौसिफ से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस सेंटू शेख तक पहुंची, जिसे चोरी का पूरा माल ठिकाने लगाने के लिए सौंपा गया था।
132 मोबाइल तीन ठिकानों पर बिके
जांच में पुलिस को पता चला कि सेंटू शेख ने चोरी के मोबाइल पश्चिम बंगाल के माल्दा में अलग-अलग लोगों को बेचे थे। जिसमें 50 मोबाइल सत्यजीत मंडल, 50 मोबाइल अब्दुल बारी और 34 मोबाइल इकबाल हुसैन को बेचे थे। इस तरह 132 मोबाइलों की पूरी खेप अलग-अलग हाथों में पहुंचा दी गई। पुलिस के मुताबिक इस माल को करीब 17 लाख रुपए में खपाया गया था।
कमीशन के 1.80 लाख रुपए बरामद
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तौसिफ राजा, सेंटू शेख, इकबाल हुसैन, अब्दुल बारी और अब्दुल अजीज को गिरफ्तार किया। सेंटू शेख के कब्जे से पुलिस ने कमीशन के तौर पर बचे 1 लाख 80 हजार रुपए भी बरामद किए हैं। इसके अलावा आरोपियों के इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
चोरी का माल पहुंचा बांग्लादेश
मामले का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा पूछताछ के दौरान हुआ। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बताया कि चोरी किए गए स्मार्टफोन्स की बड़ी खेप तस्करी के रास्ते बांग्लादेश सीमा पार भेज दी गई है। यानी कुनकुरी की एक मोबाइल दुकान का शटर काटकर शुरू हुई यह चोरी कुछ ही दिनों में झारखंड, पश्चिम बंगाल और फिर अंतरराष्ट्रीय सीमा तक पहुंच गई।
फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े चार अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। साथ ही सीमा पार भेजे गए मोबाइलों की बरामदगी के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग जुड़े हैं और चोरी के मोबाइलों को सीमा पार पहुंचाने का पूरा तंत्र किस तरह काम करता था।
