मुक्त विश्वविद्यालय का भव्य दीक्षांत समारोह, राज्यपाल-सीएम की मौजूदगी में 72 मेधावियों को मिलेंगे 119 स्वर्ण पदक
बिलासपुर : मेहनत, लगन और वर्षों की साधना जब सफलता के शिखर पर पहुंचती है, तो सम्मान का हर पल उपलब्धियों की नई कहानी लिखता है। कुछ ऐसा ही गौरवशाली अवसर पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय में 3 नवंबर को आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह में देखने को मिलेगा। सुबह 11 बजे से आयोजित इस समारोह में पांच शैक्षणिक सत्रों के मेधावी विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाएगा। राज्यपाल रमेन डेका की अध्यक्षता और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मुख्य आतिथ्य में होने वाले समारोह में 72 विद्यार्थियों को 119 स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे, वहीं पांच शोधार्थियों को पीएचडी (विद्या वाचस्पति) की उपाधि से नवाजा जाएगा।
14 स्मृति स्वर्ण पदक भी होंगे आकर्षण
दीक्षांत समारोह में जनवरी-दिसंबर 2023, जुलाई-जून 2024, जनवरी-दिसंबर 2024, जुलाई-जून 2025 और जनवरी-दिसंबर 2025 के परीक्षा सत्रों में विभिन्न संकायों की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। कुल 119 स्वर्ण पदकों में 14 स्वर्ण पदक दानदाताओं की ओर से प्रदत्त स्मृति पदक होंगे। यह सम्मान मेधावी विद्यार्थियों की मेहनत के साथ शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले दानदाताओं की सहभागिता को भी रेखांकित करेगा।
पांच सत्रों में 24,800 विद्यार्थियों ने हासिल की डिग्री
विश्वविद्यालय के लिए यह समारोह इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पांच परीक्षा सत्रों में कुल 24,800 विद्यार्थियों ने अलग-अलग पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं। इनमें जनवरी-दिसंबर 2023 में 2,051, जुलाई-जून 2024 में 7,951, जनवरी-दिसंबर 2024 में 3,155, जुलाई-जून 2025 में 6,420 और जनवरी-दिसंबर 2025 में 5,223 विद्यार्थी सफल हुए हैं। इन विद्यार्थियों ने स्नातक, स्नातकोत्तर, पीजी पत्रोपाधि, डिप्लोमा पत्रोपाधि और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं उत्तीर्ण कर अपनी शैक्षणिक यात्रा में महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किया है।
दिग्गजों की मौजूदगी में होगा आयोजन
समारोह में प्रोफेसर कैलाश चंद्र शर्मा वक्ता के रूप में अपने विचार रखेंगे, जबकि प्रोफेसर नागेश्वर राव दीक्षांत अतिथि होंगे। विशिष्ट अतिथियों में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और टंकराम वर्मा शामिल होंगे। विशेष आमंत्रित अतिथियों के रूप में अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धरमजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया, गोमती साय, लता उसेंडी, राजेश सूर्यवंशी और पूजा विधानी को आमंत्रित किया गया है। गोमती साय और लता उसेंडी विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद सदस्य हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार सारस्वत समारोह में विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। इसमें विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और गतिविधियों का विवरण रखा जाएगा।
बारिश की आशंका के बीच वाटरप्रूफ डोम तैयार
समारोह की भव्यता के साथ व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मौसम की संभावित स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में वाटरप्रूफ डोम तैयार किया जा रहा है, ताकि बारिश के कारण आयोजन प्रभावित न हो। 2 नवंबर 2026 को अपराह्न 2 बजे दीक्षांत समारोह का रिहर्सल आयोजित किया जाएगा। इसमें पीएचडी उपाधि और स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी शामिल होंगे। समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने में विश्वविद्यालय प्रशासन जुटा हुआ है।
