बंगाल की खाड़ी में फिर सक्रिय हुआ मौसमी सिस्टम, 31 अक्टूबर को डिप्रेशन बनने की संभावना; आंध्र प्रदेश-ओडिशा में बारिश का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में एक बार फिर मौसमी गतिविधियां तेज होने लगी हैं। चक्रवात अर्नब का असर पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ है कि समुद्र में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित हो गया है। मौसम विभाग इस नए सिस्टम की लगातार निगरानी कर रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र में बना निम्न दबाव का क्षेत्र 31 अक्टूबर के आसपास डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके बाद इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए आंध्र प्रदेश के तट की ओर जाने की संभावना है।
नए मौसमी सिस्टम को देखते हुए तटीय राज्यों में सतर्कता बढ़ गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों में आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। खासकर तटीय क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की आशंका है।
दक्षिण अंडमान सागर में बना निम्न दबाव का क्षेत्र
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण अंडमान सागर और उससे सटे अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे संबंधित चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। यह मौसमी सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है।
IMD का अनुमान है कि 31 अक्टूबर के आसपास यह सिस्टम दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के आसपास डिप्रेशन में केंद्रित हो सकता है। इसके बाद अगले दो दिनों के दौरान इसके आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने की संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों की नजर अब इसकी गति, दिशा और समुद्र में होने वाले बदलावों पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में सिस्टम की स्थिति के आधार पर बारिश और हवा की तीव्रता को लेकर नए पूर्वानुमान जारी किए जा सकते हैं।
क्या बंगाल की खाड़ी में फिर आएगा चक्रवाती तूफान?
नए सिस्टम के सक्रिय होने के बाद लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवाती तूफान बनने जा रहा है? फिलहाल मौसम विभाग ने इसे लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
IMD ने अभी केवल इस सिस्टम के डिप्रेशन में बदलने की संभावना जताई है। डिप्रेशन बनने के बाद इसकी ताकत कितनी बढ़ेगी और यह आगे किस दिशा में जाएगा, इसका आकलन मौसम विभाग की आगामी रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा।
हालांकि, मौसम विशेषज्ञों के पूर्वानुमानों में इसके आगे मजबूत होने की संभावना पर चर्चा हो रही है, लेकिन अभी इसकी तीव्रता और संभावित रास्ते को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में फिलहाल इसे दूसरा चक्रवाती तूफान कहना जल्दबाजी होगी।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बारिश की आशंका
नए मौसमी सिस्टम का असर सबसे पहले आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दिखाई दे सकता है। इसके प्रभाव से कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं ओडिशा के दक्षिणी जिलों में भी मौसम बदल सकता है और कुछ क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों और मछुआरों को मौसम विभाग की आगामी चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। समुद्र में मौसम की स्थिति बदलने के साथ समुद्री गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है।
चक्रवात अर्नब के बाद प्रशासन की बढ़ी चिंता
चक्रवात अर्नब के प्रभाव से प्रभावित इलाकों में अभी राहत और पुनर्वास से जुड़े काम जारी हैं। ऐसे समय में बंगाल की खाड़ी में नए निम्न दबाव का क्षेत्र बनने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। यदि यह सिस्टम आगे मजबूत होता है तो तटीय क्षेत्रों में एक बार फिर बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।
फिलहाल मौसम विभाग इस सिस्टम पर नजर बनाए हुए है। आने वाले 48 घंटों में इसकी स्थिति और संभावित प्रभाव को लेकर तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकती है। लोगों को सलाह है कि मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और किसी भी तरह की अफवाह से बचें।
