दुर्ग जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना को मिली रफ्तार, 90% मकान बनकर तैयार; 15,279 में से 13,693 आवास पूरे
दुर्ग। ग्रामीण परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत दुर्ग जिले में आवास निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा योजना के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। इसका परिणाम है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में स्वीकृत कुल 15,279 आवासों में से 13,693 मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है। इस तरह जिले में लगभग 90 प्रतिशत आवास निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
जिले में आवास निर्माण की इस प्रगति से हजारों ग्रामीण परिवारों का अपने पक्के मकान का सपना साकार हो रहा है। जिन परिवारों के पास पहले कच्चे मकान थे या जिन्हें बारिश और मौसम की मार झेलनी पड़ती थी, उन्हें अब सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
10.80 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हितग्राहियों के खातों में अंतरित
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण के लिए हितग्राहियों को चरणबद्ध तरीके से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसी क्रम में जून माह से लेकर 30 अक्टूबर तक प्रथम, द्वितीय और तृतीय किस्त के रूप में 10 करोड़ 80 लाख रुपये से अधिक की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में अंतरित की गई है।
इस राशि से ग्रामीण परिवारों को मकान निर्माण के अलग-अलग चरणों में आर्थिक सहयोग मिल रहा है। समय पर किस्तों का भुगतान होने से निर्माण कार्यों में तेजी आई है और हितग्राहियों को अपने आवास का काम आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।
जियो-टैगिंग और सत्यापन के बाद जारी हो रही किस्त
योजना के तहत आवास निर्माण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रत्येक चरण में जियो-टैगिंग और सत्यापन की व्यवस्था की गई है। मकान निर्माण की निर्धारित प्रगति दर्ज होने और आवश्यक सत्यापन पूरा होने के बाद ही नियमानुसार अगली किस्त जारी की जाती है।
प्रथम किस्त मिलने के बाद हितग्राही मकान की नींव और दीवारों का निर्माण शुरू करते हैं। इसके बाद द्वितीय किस्त के माध्यम से छत ढलाई सहित आगे के निर्माण कार्यों को पूरा करने में सहायता मिलती है। वहीं, तृतीय किस्त से मकान को अंतिम रूप देने और निर्माण कार्य पूर्ण करने में आर्थिक सहयोग मिलता है।
इस चरणबद्ध भुगतान व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आवास निर्माण निर्धारित मानकों और प्रक्रिया के अनुसार पूरा हो सके। साथ ही हितग्राहियों को निर्माण के दौरान आर्थिक परेशानियों का सामना कम करना पड़े।
पंचायत स्तर पर हो रही नियमित निगरानी
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि जिले में स्वीकृत सभी आवासों को जल्द से जल्द पूर्ण कराने के लिए जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर नियमित निगरानी की जा रही है। अधिकारियों और मैदानी अमले को निर्माण कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जियो-टैगिंग और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार किस्तों का भुगतान किया जा रहा है। इसके साथ ही मैदानी कर्मचारियों को हितग्राहियों को तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है, ताकि निर्माण कार्यों में किसी तरह की अनावश्यक देरी न हो।
शेष आवासों को पूरा कराने पर प्रशासन का जोर
दुर्ग जिले में अब तक 15,279 स्वीकृत आवासों में से 13,693 मकान पूरे हो चुके हैं। शेष 1,586 आवासों का निर्माण कार्य पूरा कराया जाना बाकी है। जिला प्रशासन का जोर इन आवासों को भी जल्द पूर्ण कराने पर है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण परिवारों को पक्के मकान की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासनिक निगरानी, समय पर किस्तों का भुगतान और पंचायत स्तर पर तकनीकी सहयोग से आवास निर्माण को गति मिल रही है। आने वाले समय में शेष आवासों के भी पूर्ण होने से जिले के और अधिक ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित आवास की सुविधा मिल सकेगी।
