बिलासपुर कोर्ट को फिर E-Mail से धमकी, मची अफरा-तफरी, आखिर कौन है मास्टरमाइंड?
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के जिला न्यायालय बिलासपुर को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। शुक्रवार को कोर्ट की नियमित कार्यवाही के दौरान ई-मेल के जरिए मिली इस धमकी ने पूरे परिसर को अलर्ट मोड पर ला दिया। सूचना मिलते ही पुलिस, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा और कोर्ट परिसर की सघन तलाशी ली गई, हालांकि जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
यह घटना इसलिए और गंभीर हो जाती है क्योंकि पिछले तीन महीनों में यह तीसरी बार है जब कोर्ट को इस तरह की धमकी मिली है। इससे पहले भी इसी तरह के ई-मेल हाईकोर्ट और जिला कोर्ट को भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक किसी आरोपी की पहचान नहीं हो सकी है। बार-बार मिल रही धमकियां सुरक्षा व्यवस्था और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं।
धमकी की सूचना मिलते ही न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कोर्ट रूम से लेकर गलियारों और आसपास के इलाकों तक हर जगह तलाशी अभियान चलाया गया। एहतियात के तौर पर प्रवेश द्वारों पर सख्त निगरानी शुरू कर दी गई है और आने-जाने वाले हर व्यक्ति की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि जिला न्यायालय परिसर बेहद संवेदनशील क्षेत्र है, जहां रोजाना हजारों लोग पहुंचते हैं। न्यायाधीशों, वकीलों और पक्षकारों की भारी मौजूदगी के बीच इस तरह की धमकियां न सिर्फ न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं, बल्कि आम लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल भी पैदा करती हैं।
पुलिस अब इस मामले में तकनीकी जांच पर फोकस कर रही है। ई-मेल के स्रोत, आईपी एड्रेस और डिजिटल फुटप्रिंट को खंगाला जा रहा है, ताकि धमकी देने वाले तक पहुंचा जा सके। हालांकि अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिलने से जांच और भी चुनौतीपूर्ण होती जा रही है।
लगातार मिल रही धमकियों ने यह संकेत जरूर दिया है कि यह कोई शरारती तत्वों की हरकत है या फिर किसी संगठित साजिश का हिस्सा इसका खुलासा होना अभी बाकी है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां हर एंगल से जांच में जुटी हैं और कोर्ट परिसर की सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है।
