जमानत के लिए अदालत की बजाय श्मशान में 'अर्जी', हाईकोर्ट चीफ जस्टिस की तस्वीर रखकर तंत्र-मंत्र करते एक पकड़ाया, तीन फरार
बिलासपुर: अदालत में जमानत के लिए आमतौर पर वकील दलीलें पेश करते हैं, लेकिन बिलासपुर जिले के सीपत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवरी के मुक्तिधाम में देर रात एक अलग ही तरीका अपनाया जा रहा था। श्मशान घाट में जमानत पाने के लिए तंत्र-मंत्र और कथित वशीकरण क्रिया की जा रही थी। रात के अंधेरे में श्मशान में चार युवकों की संदिग्ध गतिविधियां देखकर ग्रामीणों के बीच हड़कंप की स्थिति बन गई।

ग्रामीणों ने काफी देर तक दूर से इस पूरी स्थिति पर नजर रखी। जब उन्हें यकीन हो गया कि मुक्तिधाम में कुछ असामान्य गतिविधि चल रही है, तो ग्रामीणों का एक समूह मौके पर पहुंच गया। भीड़ को अपनी तरफ आता देखकर वहां मौजूद चारों युवक भागने लगे। ग्रामीणों ने दौड़कर पीछा किया और एक युवक को पकड़ लिया, जबकि उसके तीन अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से भागने में सफल रहे।
श्मशान घाट का नजारा वहां पहुंचे लोगों को चौंकाने वाला था। मौके पर पूजा-पाठ में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बिखरी पड़ी थी। इस सामग्री में मरी हुई मछली, नींबू, नारियल और सिंदूर शामिल थे। इसके अलावा, जो सबसे ध्यान खींचने वाली चीज मिली, वह थी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और दो अन्य युवकों की तस्वीरें। इन तस्वीरों के मिलने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और आशंका बढ़ गई, जिसके बाद उन्होंने पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी।
घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस द्वारा पकड़े गए युवक से पूछताछ किए जाने की बात सामने आ रही है। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी युवक से पूछते हैं कि क्या वह जज को नुकसान पहुंचाना चाहता था। जवाब में युवक कहता दिखाई दे रहा है कि वह पढ़ा-लिखा है और इस तरह का काम नहीं करता। शायद आधुनिक दौर में 'पढ़े-लिखे' होने की यह नई परिभाषा है, जहां रात के अंधेरे में तंत्र-मंत्र के बीच श्मशान में घूमने को महज़ एक इत्तेफाक बताया जाता है। पकड़े गए युवक की पहचान ऋषिकेश कुमार के रूप में हुई है, जो राजकिशोर नगर का निवासी बताया जा रहा है। उसने खुद को बिल्डर बताते हुए शुरुआत में तंत्र-मंत्र करने से इनकार किया।
पूछताछ के दौरान पुलिस को यह जानकारी मिली कि ऋषिकेश सोशल मीडिया के जरिए एक व्यक्ति के संपर्क में आया था, जिसे तांत्रिक बताया जा रहा है। आरोप है कि उस तांत्रिक ने युवक के रिश्तेदारों को भरोसा दिलाया था कि श्मशान घाट में उच्चाटन और वशीकरण क्रिया करने से जेल में बंद रिश्तेदार को तत्काल जमानत मिल सकती है। पुलिस के मुताबिक, ऋषिकेश का एक रिश्तेदार प्रियांशु चाकूबाजी के मामले में जेल में बंद है और उसकी जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका लंबित होने की जानकारी सामने आई है। इसी वजह से चीफ जस्टिस की तस्वीर रखकर तंत्र साधना किए जाने की बात कही जा रही है।
देवरी के इसी श्मशान घाट में पहले भी इस तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने आ चुकी है। इसके चलते स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है। ग्रामीणों ने पुलिस से मांग की है कि श्मशान घाट और आसपास के क्षेत्र में रात के समय होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए। फिलहाल पुलिस बयानों और मौके से मिले सामान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है और जांच जारी है।
