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बिलासपुर में 60 हजार की घूस लेकर बिना परमिशन लगा दिया 100 केवी का ट्रांसफार्मर
बिलासपुर के सकरी उपसंभाग में बिजली विभाग के अफसरों और कर्मचारियों की गजब की फुर्ती देखने को मिली है। जिस नरोतीकापा गांव के किसान चार महीने से 63 केवी की जगह 100 केवी का ट्रांसफार्मर लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे वहां अचानक बिना ऊपर की अनुमति के ही नया ट्रांसफार्मर लग गया। वजह कोई सरकारी दरियादिली नहीं बल्कि 60 हजार रुपये की वह कथित घूस है जिसका ऑडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
गनियारी वितरण केंद्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नरोतीकापा के किसान लंबे समय से बिजली की समस्या से जूझ रहे थे। वे लगातार अधिकारियों से गुहार लगा रहे थे लेकिन हर बार अफसर ट्रांसफार्मर की कमी का रोना रोकर उन्हें बैरंग लौटा देते थे। लेकिन जैसे ही 60 हजार रुपये की मांग हुई और ग्रामीणों के अनुसार उसमें से 54 हजार रुपये कथित तौर पर दे दिए गए विभाग में जैसे कोई चमत्कार हो गया। तिफरा स्थित कंपनी के उच्चाधिकारियों से परमिशन लिए बिना ही अफसरों ने आनन फानन में नया ट्रांसफार्मर गांव में टांग दिया।
पैसे के लेन देन का ऑडियो वायरल होने के बाद अब विभाग की नींद टूटी है। मामले में लीपापोती से बचने के लिए कार्यपालन यंत्री अनुपम सरकार ने तुरंत तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है। इस टीम में एई माधुरी पटेल के साथ दो अन्य लाइन कर्मचारियों को रखा गया है। कार्यपालन यंत्री अनुपम सरकार ने बताया कि ट्रांसफार्मर लगाने के लिए किसी भी हाल में पैसा नहीं लिया जा सकता।
वहीं मामले को लेकर सकरी उपसंभाग के एई प्रमोद चौबे ने बताया कि ट्रांसफार्मर पहले ही मंजूर हो चुका था लेकिन सामान उपलब्ध नहीं होने के कारण देरी हुई। प्रमोद चौबे ने आगे बताया कि लाइनमैन प्रवीण साहू को तलब किया गया है और मामले की पूरी जांच की जाएगी।
इधर जिस लाइनमैन प्रवीण साहू पर 60 हजार रुपये मांगने और 54 हजार रुपये लेने का गंभीर आरोप है उसने खुद को पूरी तरह पाक साफ बताया है। गनियारी वितरण केंद्र के लाइनमैन प्रवीण साहू ने बताया कि ट्रांसफार्मर लगाने के लिए उसने किसी से एक भी रुपया नहीं लिया है और उस पर लगे सारे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। ग्रामीण भले ही वायरल ऑडियो में पैसे देने की बात कह रहे हों लेकिन यह तो अब जांच के बाद ही साफ होगा कि बिना परमिशन इतनी जल्दी ट्रांसफार्मर लगाने की खास मेहरबानी विभाग ने किस खुशी में की थी।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
