बिलासपुर: मैरिज हॉल व रिसॉर्ट की गाड़ियां सड़क पर, रोजाना जाम से जूझ रहे लोग
बिलासपुर। शहर व इसके आउटर इलाकों में होटल, रिसॉर्ट व मैरिज हॉल का कारोबार काफी तेजी से बढ़ा है। कारोबार बढ़ने के साथ ही शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। देवरीखुर्द, पुराना बस स्टैंड व लिंक रोड क्षेत्र में लोग हर रोज जाम में फंसने को मजबूर हैं। हालत यह है कि आयोजन शुरू होते ही मुख्य सड़कें पार्किंग में तब्दील हो जाती हैं।
आउटर इलाकों में बिगड़ी व्यवस्था
शहर के बाहरी क्षेत्रों में अनुमान के मुताबिक 100 से अधिक होटल, रिसॉर्ट व मैरिज हॉल संचालित किए जा रहे हैं। आयोजन स्थलों की संख्या तो बढ़ गई, लेकिन पार्किंग की सबसे बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। देवरीखुर्द, लिंक रोड, पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में कई ऐसे आयोजन स्थल हैं जहां पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था ही नहीं है। कार्यक्रमों में आने वाले लोग अपने वाहन मुख्य सड़कों पर ही खड़े कर देते हैं। इस वजह से इन इलाकों का पूरा ट्रैफिक प्रभावित रहता है।
सिकुड़ जाती है सड़क की चौड़ाई
शादी, रिसेप्शन, जन्मदिन व अन्य निजी कार्यक्रमों के दौरान इन मैरिज हॉल और रिसॉर्ट में भारी भीड़ पहुंचती है। भीतर पार्किंग की जगह न होने पर वाहन सड़क के किनारे लगा दिए जाते हैं। कई बार हालात ऐसे बनते हैं कि सड़क के दोनों तरफ गाड़ियां खड़ी हो जाती हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई आधी रह जाती है। इस वजह से सामान्य यातायात के साथ एंबुलेंस, स्कूल बस व दूसरे जरूरी वाहनों को निकलने में भारी परेशानी उठानी पड़ती है। देवरीखुर्द और लिंक रोड क्षेत्र में नए मैरिज हॉल बनने से ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है। मस्तूरी रोड पर बड़े आयोजनों के समय अचानक वाहनों की संख्या बेतहाशा बढ़ जाती है।
आधी रात तक बजता डीजे
पार्किंग के अलावा देर रात तक बजने वाले डीजे ने भी लोगों की नींद हराम कर रखी है। कई आयोजन स्थलों से रात 12 बजे के बाद भी तेज आवाज में डीजे व संगीत बजने की शिकायतें लगातार आती हैं। इससे आसपास के निवासियों को भारी परेशानी होती है। खासकर शादी के सीजन में बड़े आयोजनों के दौरान देर रात तक तेज संगीत बजने की घटनाएं काफी बढ़ जाती हैं।
निगम-पुलिस की कार्रवाई नाकाफी
लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद संबंधित विभागों का रवैया ढुलमुल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पर पार्किंग व देर रात तक डीजे बजने की शिकायत पर निगम ऑफिस या यातायात पुलिस की कार्रवाई नियमित नजर नहीं आती। लोगों का कहना है कि आयोजन स्थलों की पार्किंग क्षमता की जांच होनी चाहिए।
- जिन जगहों पर पर्याप्त पार्किंग नहीं है, वहां सड़क पर वाहन खड़े कराने से रोकने की सख्त व्यवस्था की जानी चाहिए।
- आउटर क्षेत्र में लगातार बन रहे रिसॉर्ट को देखते हुए ट्रैफिक मैनेजमेंट की समीक्षा जरूरी है।
- कार्यक्रम के दौरान वैकल्पिक पार्किंग की व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए ताकि आम लोगों की आवाजाही पर कोई असर न पड़े।
