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छत्तीसगढ़ भाजपा में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट: पवन साय को मिलेगी नई जिम्मेदारी? संघ की बैठक में बड़ा फैसला आज!
पानीपत/रायपुर: पानीपत में चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक आज खत्म हो रही है। इस बैठक से छत्तीसगढ़ की राजनीति के लिए एक बड़ी और सस्पेंस से भरी खबर सामने आ रही है। सूत्रों की मानें तो राज्य में भाजपा के संगठन महामंत्री पवन साय को बदला जा सकता है। उन्हें संगठन में कोई नई और बड़ी जिम्मेदारी मिलने की पूरी संभावना है। वहीं, उनकी जगह किसी पड़ोसी राज्य के पूर्णकालिक प्रचारक को छत्तीसगढ़ की कमान सौंपी जा सकती है।
इस राजनीतिक हलचल ने प्रदेश भाजपा नेताओं के बीच सुगबुगाहट तेज कर दी है, क्योंकि नया संगठन महामंत्री अगले तीन साल तक पद पर रहेगा और अगला चुनाव उसी की रणनीति के तहत लड़ा जाएगा।
बदलाव की मुख्य वजहें और प्रभाव
पवन साय को मिल सकता है जीत का इनाम: पवन साय पिछले 10 सालों से छत्तीसगढ़ में संगठन महामंत्री का जिम्मा संभाल रहे हैं। हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा को 15 से 54 सीटों तक पहुंचाने में उनकी और प्रभारी ओम माथुर की जोड़ी का बड़ा रोल रहा है। माना जा रहा है कि पवन साय को इसी शानदार प्रदर्शन का इनाम मिलने वाला है।
अजय जामवाल जाएंगे दिल्ली?: छत्तीसगढ़ के साथ-साथ क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल को भी राष्ट्रीय स्तर पर बुलाया जा सकता है। हाल ही में मध्य प्रदेश के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा को संघ में दूसरी जगह भेजा गया है, तब से जामवाल ही वहां का भी काम देख रहे हैं। अब दोनों राज्यों को नए संगठन महामंत्री मिलने तय माने जा रहे हैं।
अब भाजपा में कम जाएंगे संघ के प्रचारक
बैठक के अंदर से जो सबसे बड़ी रणनीति निकलकर आई है, वह यह है कि अब संघ के पूर्णकालिक (फुल-टाइम) प्रचारकों को सीधे भाजपा में कम भेजा जाएगा।
संघ का मानना है कि प्रचारकों की संख्या घट रही है। ऐसे में संघ अपने कैडर को भाजपा की राजनीति में भेजने के बजाय अपने 50 से अधिक अनुषांगिक (जुड़े हुए) संगठनों में लगाएगा। इनमें विश्व हिंदू परिषद (VHP), अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), विद्या भारती, और मजदूर संघ जैसे अहम संगठन शामिल हैं। आने वाले दिनों में इन संगठनों के प्रमुख पदों पर भी बड़े चेहरे बदले जाएंगे।
भाजपा की राष्ट्रीय टीम पर भी दिखेगा असर
संघ की इस बैठक का सीधा असर भारतीय जनता पार्टी की टॉप लीडरशिप पर भी पड़ेगा। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश की भूमिकाओं में भी बदलाव हो सकता है।
जैसे ही ये बदलाव होंगे, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अपनी नई टीम का ऐलान करेंगे। छत्तीसगढ़ के नेताओं के लिए यह एक अच्छा मौका हो सकता है। चूंकि नितिन नबीन पहले प्रदेश के प्रभारी रहे हैं और यहां के नेताओं की क्षमता को करीब से जानते हैं, इसलिए चर्चा है कि छत्तीसगढ़ के किसी कद्दावर नेता को राष्ट्रीय महामंत्री जैसी बड़ी जिम्मेदारी देकर दिल्ली बुलाया जा सकता है।
क्या है प्रतिनिधि सभा और यह क्यों अहम है?
> अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा RSS की सबसे बड़ी और ताकतवर संस्था है जो फैसले लेती है। हर साल मार्च में इसकी बैठक होती है। इसमें संघ प्रमुख (सरसंघचालक) से लेकर हर राज्य और संगठन के नेता जुटते हैं। यह बैठक एक तरह से संघ का 'रिपोर्ट कार्ड' और 'फ्यूचर प्लान' तय करती है। यहीं से तय होता है कि अगले साल देश और समाज के लिए क्या एजेंडा रहेगा।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
