नगर निगम की 18 महीने में 9 की जगह मात्र 5 सामान्य सभा, शासन ने दिए दो माह में बैठक कराने के निर्देश
बिलासपुर : नगर निगम बिलासपुर में सामान्य सभा की बैठक लंबे समय से नहीं होने का मामला अब शासन तक पहुंच गया है। अप्रैल के बाद नगर निगम की सामान्य सभा की बैठक नहीं हुई है। करीब पांच महीने से सदन की बैठक नहीं होने पर निगम अध्यक्ष विनोद सोनी ने शासन से शिकायत की थी। इसके बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को सामान्य सभा की बैठक नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं। शासन ने अपने निर्देश में साफ किया है कि नगरीय निकायों में सामान्य सभा की बैठक हर दो महीने में कम से कम एक बार होना जरूरी है। इसके लिए छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 27 और छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 54 का हवाला दिया गया है। विभाग ने निकायों को इस कानूनी प्रावधान का गंभीरता से पालन करने कहा है।
अध्यक्ष की शिकायत के बाद सक्रिय हुआ शासन
बिलासपुर नगर निगम में सामान्य सभा की बैठक नहीं होने को लेकर अध्यक्ष विनोद सोनी ने पहले निगम आयुक्त को पत्र लिखकर बैठक बुलाने की मांग की थी। उनका कहना है कि उन्होंने इस संबंध में चार से पांच बार पत्र भेजे, लेकिन बैठक की तारीख तय नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने शासन को पूरे मामले की जानकारी दी। विनोद सोनी के अनुदार सामान्य सभा सिर्फ औपचारिक बैठक नहीं है। शहर के अलग-अलग वार्डों की समस्याओं को सदन में रखने और अधिकारियों से जवाब मांगने का यही प्रमुख मंच है। सड़क, नाली, पानी, सफाई, स्ट्रीट लाइट और दूसरे विकास कार्यों से जुड़े मुद्दे पार्षद इसी बैठक में प्रमुखता से उठा सकते हैं।
18 महीने में 9 बैठकें होनी थीं, हुई केवल 5
देखा जाये तो 18 महीने में 9 बैठकें होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 5 बैठकें ही हुई हैं। अंतिम बैठक अप्रैल माह में हुई थी, अब सितंबर माह शुरू हो चुका है, लेकिन अगली सामान्य सभा की तारीख अभी तय नहीं हुई है। बैठक नहीं होने के कारण पार्षदों के कई मुद्दे सदन तक पहुंच नहीं पा रहे हैं। खासकर वार्ड स्तर की समस्याओं को लेकर पार्षदों को सामान्य सभा का इंतजार करना पड़ रहा है। सामान्य सभा में प्रस्तावों पर चर्चा के साथ अधिकारियों से जवाब-तलब और जरूरी विकास कार्यो को लेकर निर्णय भी लिए जाते हैं।
एमआईसी में लगातार लिए गए फैसले- महापौर
वहीं महापौर पूजा विधानी का कहना है कि नगर निगम की मेयर-इन-काउंसिल की बैठकें नियमित रूप से होती रही हैं। बारिश के दौरान शहर में जलभराव समेत कई समस्याएं सामने आई, जिनसे जुड़े जनहित के प्रस्ताव एमआईसी की बैठकों में रखे और स्वीकृत किए गए। महापौर के अनुसार एमआईसी को तीन करोड़ रुपये तक के प्रस्तावों को मंजूरी देने का अधिकार है। इसलिए कई जरूरी कामों को सामान्य सभा के इंतजार के बिना एमआईसी के स्तर पर स्वीकृति दी गई है। हालांकि उन्होंने भी हर दो महीने में सामान्य सभा आयोजित करने के प्रावधान को उचित बताया है।
अब एजेंडा तैयार करने की तैयारी
शासन से निर्देश मिलने के बाद निगम प्रशासन ने अगली सामान्य सभा की तैयारी शुरू कर दी है। निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने बताया कि बैठक के लिए एजेंडा जल्द जारी किया जाएगा।
अब देखना होगा की अप्रैल के बाद लंबित सामान्य सभा कब बुलाई जाती है। शासन के निर्देश के बाद निकायों में बैठकों की नियमितता को लेकर जिम्मेदारी तय होने के संकेत भी मिले हैं। बिलासपुर में अगली सामान्य सभा में लंबे समय से लंबित वार्डो के मुद्दों और निगम के कामकाज को लेकर पार्षदों के बीच चर्चा तेज होने की संभावना है।
