बिल्हा के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल, कहीं प्राचार्य नदारद, कहीं पीरियड खाली, वीएसके ऐप में 659 शिक्षक गैरहाजिर
बिलासपुर : सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति और कक्षाओं में नियमित अध्यापन की हकीकत जांचने निकले शिक्षा संभाग के संयुक्त संचालक अश्विनी भारद्वाज के औचक निरीक्षण में कई स्कूलों की व्यवस्था की पोल खुल गई। बिल्हा, चकरभाठा, हरदी और हिर्री के स्कूलों में कहीं प्राचार्य ही अनुपस्थित मिले तो कहीं पर्याप्त शिक्षक होने के बावजूद कक्षाएं नहीं ली जा रही थीं। निरीक्षण के दौरान सामने आई लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों और शिक्षकों से जवाब-तलब करते हुए व्यवस्था तत्काल सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।
17 व्याख्याता पदस्थ, कक्षा लेने पहुंचे सिर्फ 4
चकरभाठा कन्या आत्मानंद स्कूल में निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर स्थिति सामने आई। यहां प्राचार्य सहित 17 व्याख्याता पदस्थ हैं, लेकिन निरीक्षण के समय प्राचार्य प्रदीप कुमार केरकेट्टा अनुपस्थित मिले। दो व्याख्याताओं ने ऑनलाइन अवकाश आवेदन किया था, जबकि शारीरिक शिक्षा शिक्षक आशीष लहरे की नियमित उपस्थिति भी नहीं मिली। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि निरीक्षण वाले दिन निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार सिर्फ चार व्याख्याताओं ने ही कक्षाएं लीं। बाकी व्याख्याताओं ने एक भी पीरियड नहीं लिया। पर्याप्त संख्या में शिक्षक पदस्थ होने के बावजूद अध्यापन व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सभी व्याख्याताओं को समय-सारिणी के अनुसार नियमित रूप से कक्षाएं लेने के निर्देश दिए गए।
बिल्हा आत्मानंद स्कूल में भी सामने आई लापरवाही
बिल्हा के आत्मानंद स्कूल में 10 में से 8 व्याख्याता उपस्थित मिले। दो व्याख्याता अवकाश पर थे। हालांकि पूर्व माध्यमिक विभाग की व्यवस्था की जांच में संकुल शैक्षिक समन्वयक द्वारा नियमित अध्यापन नहीं कराने की बात सामने आई। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राचार्य चंद्रभान ठाकुर को कारण बताओ नोटिस जारी करने और पूर्व माध्यमिक विभाग का संचालन व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए।
मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर भी आरोप
हरदी के स्कूलों में निरीक्षण के दौरान मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आईं। प्राथमिक शाला में भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर प्रधान पाठक और भोजन बनाने वाले समूह को चेतावनी दी गई और भोजन की गुणवत्ता में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए गए।
अटैचमेंट पर संयुक्त संचालक सख्त
शिक्षकों के अटैचमेंट समाप्त कर उन्हें मूल शाला में भेजने के निर्देश के बाद काफी हद तक संलग्न शिक्षकों को वापस भेजा जा चुका है। लेकिन निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कुछ स्कूलों में भृत्य अब भी अटैचमेंट पर काम कर रहे हैं। हरदी के पूर्व माध्यमिक शाला में पदस्थ भृत्य कृष्ण कुमार के संलग्नीकरण की जानकारी मिलने पर संयुक्त संचालक ने डीईओ को उसे तत्काल कार्यमुक्त कर मूल शाला भेजने के निर्देश दिए। इसी तरह हिर्री में पदस्थ भृत्य के बिल्हा तहसील में संलग्न होने की जानकारी भी सामने आई।
वीएसके ऐप की निगरानी में गैरहाजिर मिले 1618 शिक्षक
दरअसल, जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर पहले ही गंभीर आरोप लग चुके हैं। वीएसके ऐप की डिजिटल निगरानी में बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर और कोटा ब्लॉक के स्कूलों में 1618 शिक्षक बिना बताए गैरहाजिर मिले थे। इनमें सबसे अधिक 659 शिक्षक बिल्हा ब्लॉक के थे। मस्तूरी में 384, तखतपुर में 323 और कोटा में 252 शिक्षक गैरहाजिर पाए गए थे। बिल्हा में गैरहाजिर शिक्षकों की संख्या सबसे अधिक मिलने के बाद संयुक्त संचालक अश्विनी भारद्वाज ने इसी ब्लॉक के स्कूलों की वास्तविक स्थिति जांचने का निर्णय लिया। औचक निरीक्षण के दौरान डिजिटल निगरानी में सामने आए आंकड़ों को और गंभीर बना दिया है।
अब सिर्फ हाजिरी नहीं, कक्षा की पढ़ाई पर भी होगी नजर
निरीक्षण से साफ है कि स्कूल में शिक्षक की मौजूदगी दर्ज होना ही पर्याप्त नहीं है। शिक्षक निर्धारित समय पर कक्षा ले रहे हैं या नहीं, पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई हो रही है या नहीं और प्राचार्य स्कूल की व्यवस्था पर निगरानी रख रहे हैं या नहीं—इन सभी पहलुओं की जांच जरूरी है। संयुक्त संचालक ने संबंधित अधिकारियों को कमियां तत्काल दूर करने और लापरवाही दोबारा सामने आने पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं।
