54 दिन स्कूल से गायब रहे शिक्षक, नशे में बीईओ कार्यालय पहुंचकर की अभद्रता, डीईओ ने किया सस्पेंड
बिलासपुर : जिले में सरकारी स्कूलों की व्यवस्था और शिक्षकों की कार्यप्रणाली से जुड़े दो मामले सामने आए हैं। कोटा ब्लॉक के सोनपुरी प्राथमिक स्कूल में पदस्थ सहायक शिक्षक 54 दिन तक बिना सूचना ड्यूटी से गायब रहे। आरोप है कि जब वे बीईओ कार्यालय पहुंचे, तब शराब के नशे में थे और आला अधिकारी के साथ अभद्रता की। मामले की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक को निलंबित कर दिया है। वहीं, बिल्हा ब्लॉक के अचानकपुर पीएम श्री प्राथमिक स्कूल के प्रधान पाठक पर भी मनमानी और अनुशासनहीनता के आरोप लगे हैं। बीईओ ने उनके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है।
54 दिन तक स्कूल से रहे नदारद, बीईओ कार्यालय पहुंचे तो मचा हंगामा

कोटा ब्लॉक के सोनपुरी प्राथमिक स्कूल में पदस्थ सहायक शिक्षक अभिमन्यु मस्काम की अनुपस्थिति और कथित अभद्रता का मामला सामने आया है। डीईओ कार्यालय को मिली शिकायत और कोटा बीईओ की जांच रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षक 15 जुलाई से 6 सितंबर तक बिना किसी सूचना के स्कूल से अनुपस्थित रहे। 7 सितंबर को शिक्षक बीईओ कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि उस समय वे शराब के नशे में थे और उन्होंने आला अधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार किया। घटना की सूचना कोटा थाना को भी दी गई थी। इसके बाद बीईओ ने जांच कर प्रतिवेदन डीईओ कार्यालय भेजा। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीईओ ने शिक्षक के आचरण को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के विपरीत माना। इसके बाद निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया। निलंबन अवधि में शिक्षक का मुख्यालय बीईओ कार्यालय तखतपुर निर्धारित किया गया है।
अचानकपुर स्कूल में प्रधान पाठक की मिली शिकायत
बिल्हा ब्लॉक के पीएम श्री प्राथमिक शाला अचानकपुर में भी शिक्षकों की उपस्थिति और बच्चों की पढ़ाई को लेकर भी शिकायत सामने आई हैं। यहां के प्रधान पाठक के खिलाफ अनुशासनहीनता के आरोप में कार्रवाई की मांग की गई है। बिल्हा बीईओ भूपेंद्र कौशिक ने 17 सितंबर को स्कूल का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान स्कूल में केवल दो शिक्षक उपस्थित मिले, जबकि प्रधान पाठक अनुपस्थित थे। जांच में यह भी सामने आया कि प्रधान पाठक रोजाना दो से तीन घंटे स्कूल से बाहर रहते हैं और बच्चों को दोपहर 2:30 बजे ही छुट्टी दे देते हैं।
पहले दी गई चेतावनी, फिर भी नहीं सुधरी व्यवस्था
प्रधान पाठक की अनुपस्थिति का मामला पहली बार सामने नहीं आया था। इससे पहले 25 अगस्त को संकुल प्राचार्य के निरीक्षण में भी वे स्कूल से अनुपस्थित मिले थे। इसके बाद 1 सितंबर को उन्हें स्पष्टीकरण जारी कर चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं होने के बाद बीईओ ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है। अब इस मामले में डीईओ स्तर पर आगे की कार्रवाई की जारी है।
