300 रुपये की थाली से पैक्ड पनीर तक सवाल! जगदलपुर में जांच के दौरान 4 सैंपल अमानक, खाद्य गुणवत्ता पर चिंता
Jagdalpur Food Safety News: होटल में महंगी थाली का स्वाद लेते समय क्या आप उसकी गुणवत्ता को लेकर निश्चिंत रहते हैं? जगदलपुर में पनीर की लैब रिपोर्ट सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के होटल-रेस्टोरेंट और बाजार से लिए गए पनीर के नमूनों की जांच में चार सैंपल निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें एक सैंपल को लैब ने असुरक्षित भी बताया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक, पिछले दो-तीन महीनों में पनीर के करीब छह नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें से पांच की रिपोर्ट आ चुकी है और चार सैंपल फेल पाए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। अब संचालकों के जवाब के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
न्यू महावीर थाली से गंगा गोल्ड तक, इन पनीर सैंपलों पर सवाल
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में न्यू महावीर थाली, मितहरा रेस्टोरेंट और गंगा गोल्ड कंपनी के पनीर के नमूने अमानक पाए गए। वहीं, होटल लक्ष्मण एवेन्यू से लिया गया पनीर का सैंपल असुरक्षित घोषित किया गया है। लैब रिपोर्ट में अमानक पाए जाने का मतलब है कि संबंधित नमूना निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा। वहीं, असुरक्षित श्रेणी की रिपोर्ट खाद्य सुरक्षा को लेकर अधिक गंभीर चिंता पैदा करती है। हालांकि, रिपोर्ट में सामने आए निष्कर्षों के आधार पर ही संबंधित उत्पादों की स्थिति और आगे की कार्रवाई तय होगी।
लूज पनीर ही नहीं, पैक्ड पनीर भी जांच के दायरे में
इस मामले में चिंता की बात यह है कि जांच केवल होटल और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले खुले पनीर तक सीमित नहीं रही। विभाग ने लूज पनीर के साथ पैक्ड पनीर के नमूने भी जांच के लिए भेजे थे। गंगा गोल्ड कंपनी का पैक्ड पनीर भी जांच में अमानक पाया गया। यह तमिलनाडु की कंपनी का उत्पाद बताया गया है। ऐसे में मामले ने स्थानीय होटल-रेस्टोरेंट के साथ बाजार में उपलब्ध पैक्ड पनीर की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
चार संस्थानों को नोटिस, जवाब के बाद होगी कार्रवाई
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी पूनम कांडे के मुताबिक, पिछले दो-तीन महीनों में पनीर के करीब छह सैंपल लिए गए थे। इनमें से पांच की लैब रिपोर्ट प्राप्त हुई है, जिनमें चार नमूने फेल पाए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित संस्थानों के संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने जवाब देने के लिए एक महीने का समय दिया है। संचालकों के जवाब और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई पर नजर
जगदलपुर में पनीर के नमूनों की रिपोर्ट सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता जांच को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल, विभाग की कार्रवाई नोटिस और जवाब की प्रक्रिया में है। संबंधित संस्थानों पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, यह जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगा।
