आयुर्वेदिक बोर्ड चुनाव की मतगणना पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, लगी रोक खत्म, अब नतीजों का इंतजार
बिलासपुर : छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक, यूनानी एवं प्राकृतिक चिकित्सा बोर्ड के चुनाव को लेकर चल रहा कानूनी बाधा अब खत्म हो गई है। बिलासपुर हाई कोर्ट ने मतगणना पर पूर्व में लगाई गई सभी रोक निरस्त कर दी हैं। अदालत के इस फैसले के बाद चुनाव परिणाम घोषित होने का रास्ता साफ हो गया है। चुनाव प्रक्रिया के बीच अचानक लगाई गई रोक को चुनौती देने वाले उम्मीदवारों को इससे बड़ी राहत मिली है।
जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक, यूनानी तथा प्राकृतिक चिकित्सा व्यवसायी नियम, 1973 के नियम 17 के तहत चुनाव को शून्य घोषित करने या उसे लेकर कार्रवाई करने की शक्ति का इस्तेमाल चुनाव संपन्न होने के बाद ही किया जा सकता है। चुनाव प्रक्रिया के बीच ही कार्यवाही और मतगणना रोक देना नियमों के अनुरूप नहीं है।
जारी नोटिस से रुक गई थी चुनाव प्रक्रिया
मामले में चुनाव अधिकारियों और संबंधित प्रशासनिक अमले ने 29 और 30 सितंबर को नोटिस जारी कर चुनाव की कार्यवाही और मतगणना पर रोक लगा दी थी। इसके लिए नियम 17 का हवाला दिया गया था। इस कार्रवाई के बाद चुनाव परिणामों को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई थी। इसके खिलाफ डॉ ऐश्वर्या कुमार साहू, डॉ रजनीश जायसवाल और डॉ निशांत कौशिक सहित कई उम्मीदवारों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा और सजल कुमार गुप्ता ने पक्ष रखा। उनकी दलीलों के बाद अदालत ने चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने के कानूनी आधार और संबंधित नियमों की व्याख्या पर विचार किया।
सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का भी लिया संज्ञान
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के बोद्दुला कृष्णैया बनाम राज्य चुनाव आयुक्त और भारत निर्वाचन आयोग बनाम अशोक कुमार मामलों में दिए गए न्यायिक दृष्टांतों का भी संज्ञान लिया। अदालत के समक्ष चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप और संबंधित कानूनी प्रावधानों के इस्तेमाल का प्रश्न महत्वपूर्ण रहा। अदालत के आदेश का स्पष्ट संदेश है कि चुनाव संबंधी नियमों का उपयोग उनकी निर्धारित सीमा के भीतर ही किया जाना चाहिए। बिना उचित कानूनी आधार के चुनाव प्रक्रिया को बीच में रोकना गंभीर है।
अब मतगणना और परिणामों का इंतजार
हाई कोर्ट से सभी रोक हटने के बाद अब संबंधित बोर्ड के चुनाव परिणामों को लेकर उम्मीदवारों और चिकित्सक समुदाय की नजर आगे की कार्रवाई पर टिक गई हैं। हालांकि, परिणाम घोषित करने की तारीख को लेकर संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई हैं।
